40 साल की उम्र में केप वर्डे के गोलकीपर वोज़िन्हा ने अपना पहला फीफा विश्व कप मैच खेला और स्पेन के खिलाफ यादगार प्रदर्शन किया। उन्होंने सात शानदार और बेहद महत्वपूर्ण बचाव किए, जिसकी बदौलत केप वर्डे ने ऐतिहासिक 0-0 से ड्रॉ हासिल किया। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और उन्होंने अपना नाम विश्व कप इतिहास में दर्ज करा लिया। इस उपलब्धि को और खास बनाते हुए, वोज़िन्हा विश्व कप डेब्यू मैच में क्लीन शीट हासिल करने वाले सबसे उम्रदराज गोलकीपर बन गए। वर्षों की मेहनत, धैर्य और समर्पण के बाद उन्होंने दुनिया के सामने अपना पल हासिल किया। इस प्रदर्शन के बाद उन्होंने रातों-रात लाखों प्रशंसकों का दिल जीत लिया और साबित कर दिया कि सपनों की कोई उम्र सीमा नहीं होती। उनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है — उन्होंने अपना प्रोफेशनल करियर लगभग 25 साल की उम्र के बाद शुरू किया और मेहनत से राष्ट्रीय टीम के नंबर 1 गोलकीपर बने। FIFA हाल में वे बहुत चर्चा में आए क्योंकि उन्होंने एक बड़े मैच में शानदार प्रदर्शन किया, कई महत्वपूर्ण बचाव किए और Man of the Match उनका निकनेम “Vozinha” है, और वे Cape Verde फुटबॉल के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। 40 साल और 12 दिन की उम्र के साथ वर्ल्ड कप का पहला मैच खलनेवाले गोलकीपर ने सबसे उम्रदराज़ फ़ुटबॉल खिलाड़ी के तौर पर वर्ल्ड कप के लिए डेब्यु करने का रिकॉर्ड तो बनाया ही. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक यूट्यूब चैनल CazeTV ने मैच के दौरान वोज़िन्हा के लिए फ़ैन्स से अपील की और कुछ ही घंटों में उनके फॉलोअर्स की बाढ़ लग गई. इंस्टाग्राम पर गोलकीपर वोज़िन्हा के फ़ॉलोअर्स की कुछ ही घंटों में संख्या 50,000 से बढ़कर 15 लाख हो गई. 10 घंटों के अंदर ही ये संख्या बढ़कर 51 लाख हो गई. हर घंटे ये संख्या अभी लाखों की रफ़्तार से बढ़ती ही जा रही है. सिर्फ़ 10 आईलैंड या द्वीपों वाले काबो वेर्दे की आबादी सवा 5 लाख के क़रीब है और वोज़िन्हा के इंस्टाग्राम पर उनके फ़ैन्स की संख्या अभी ही उससे 10 गुना ज़्यादा बढ़ चुकी है. पूर्व वर्ल्ड चैंपियन स्पेन ने 5 लाख की आबादी वाले काबो वेर्दे के खिलाफ आपस में 92 फीसदी सटीक पास के साथ खेलते हुए 8 बार टारगेट पर शॉट लगाए. वर्ल्ड कप जीतने की मज़बूत दावेदार स्पेन ने 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा को 8 बार मात देने की बड़ी कोशिशें कीं. मगर 8 में से 7 बार किले की दीवार बनकर गोल रोकने वाले वोज़िन्हा ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन और मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन के नाक में दम कर दिया. 6 बार तो वोज़िन्हा ने बॉक्स के अंदर अकेले गोल बचाया और टीम के सुपरमैन बन गए. अपना पहला वर्ल्ड कप खेल रही 67वें (अब 64वें) नंबर की टीम काबो वेर्दे का नाम अब दुनिया भर के फ़ुटबॉल फ़ैन्स की ज़ुबां पर है और वोज़िन्हो फ़ुटबॉल की दुनिया के सुपरहीरो बन गए हैं. Post navigation जब दुनिया हमेशा चालू (Always-on), हमेशा कनेक्टेड (Always-connected) रहने और AI के साथ पहले से भी तेज़ गति से आगे बढ़ने की मांग कर रही है, तब आपका नेटवर्क एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।