टेलीग्राम के संस्थापक और CEO Pavel Durov ने भारत में ऐप पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध पर कड़ी नाराज़गी जताई है। NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा के दौरान पेपर लीक मामले के बाद लगाए गए इस बैन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम असली दोषियों की जगह आम यूजर्स को सजा दे रहा है।

Writer by Mohit Kumar 

19 june 2026 5:5pm

 

 

पावेल ड्यूरोव का पक्ष:

आम लोगों को सजा देने का आरोप: ड्यूरोव ने इसे “सामूहिक सजा” जैसा बताया। उनका कहना है कि इस फैसले से भारत के करीब 15 करोड़ आम और कानून मानने वाले टेलीग्राम यूजर्स प्रभावित हुए हैं, जबकि पेपर लीक करने वाले लोग इससे प्रभावित नहीं हुए।

लगा कि फायदा नहीं हुआ: उन्होंने कहा कि टेलीग्राम को ब्लॉक करने के बाद भी लीक हुआ कंटेंट खत्म नहीं हुआ, बल्कि वही सामग्री दूसरे ऐप्स पर चली गई।

लीक वाले चैनल हटाए जा चुके थे: ड्यूरोव के अनुसार, जिन चैनलों पर कथित रूप से लीक सामग्री मौजूद थी, उन्हें टेलीग्राम पहले ही हटा चुका था।

भारत सरकार का फैसला:

अस्थायी प्रतिबंध: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने NEET री-टेस्ट के दौरान पेपर लीक और धोखाधड़ी रोकने के लिए टेलीग्राम पर एक सप्ताह का अस्थायी प्रतिबंध लगाया है।

मैसेज एडिट फीचर पर रोक: इसके साथ ही भारत में टेलीग्राम के मैसेज एडिट करने वाले फीचर को भी 30 जून 2026 तक बंद कर दिया गया है।

यह मामला परीक्षा सुरक्षा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और यूजर्स की परेशानी के बीच बहस का विषय बन गया है।

NEET पेपर लीक पर Telegram बैन से भड़के Pavel Durov, बोले- सजा आम यूजर्स को मिल रही है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *