क्रिकेट की दुनिया में कब क्या हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है! पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। एक समय पाकिस्तान की टीम हार के बिल्कुल करीब खड़ी थी। 242 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने महज 154 रन पर अपने 9 विकेट गंवा दिए थे। ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड यह मुकाबला आसानी से जीत जाएगा, लेकिन इसके बाद मैदान पर जो हुआ, उसने क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भर दिया। Writer by Mohit Kumar 26-10-2026 3:37 pm शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट के लिए ऐसी साझेदारी की, जिसने न केवल पाकिस्तान को यादगार जीत दिलाई, बल्कि वनडे क्रिकेट के इतिहास में 51 साल पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। आखिरी विकेट पर आया ऐसा तूफान, इंग्लैंड रह गया हैरान 25 अक्टूबर 2026 को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच वनडे ट्राई सीरीज का मुकाबला खेला गया। इस मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने 242 रनों का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। लगातार विकेट गिरने के कारण टीम दबाव में आ गई और 154 रन तक पहुंचते-पहुंचते उसके 9 खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे। पाकिस्तान को जीत के लिए अभी भी 88 रनों की जरूरत थी, जबकि उसके पास सिर्फ एक विकेट बचा था। क्रिकेट में ऐसी स्थिति से जीत हासिल करना बेहद मुश्किल माना जाता है। लेकिन शादाब खान और हारिस रऊफ ने हार मानने के बजाय मुकाबले का रुख ही बदल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य, हिम्मत और शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 10वें विकेट के लिए नाबाद 89 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान ने मुश्किल लक्ष्य हासिल कर लिया और इंग्लैंड के हाथों से जीत छीन ली। शादाब खान ने जड़ा करियर का पहला वनडे शतक इस ऐतिहासिक मुकाबले के सबसे बड़े हीरो शादाब खान रहे। उन्होंने दबाव की स्थिति में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 113 रन बनाए। यह उनके वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक बताया गया है। शादाब की इस पारी ने साबित कर दिया कि क्रिकेट में किसी खिलाड़ी को उसकी बल्लेबाजी क्रम के आधार पर कम नहीं आंकना चाहिए। जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए शादाब ने जिस तरह इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना किया, वह इस मुकाबले की सबसे यादगार बातों में से एक रही। उनकी पारी ने पाकिस्तान के समर्थकों को जश्न मनाने का मौका दिया। हारिस रऊफ ने दूसरे छोर से दिया पूरा साथ शादाब खान के साथ हारिस रऊफ ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 18 गेंदों पर नाबाद 7 रन बनाए और दूसरे छोर पर टिके रहे। भले ही हारिस के बल्ले से ज्यादा रन नहीं निकले, लेकिन उनका विकेट बचाकर रखना और शादाब का साथ देना पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। आखिरी विकेट पर बल्लेबाजी करते हुए संयम बनाए रखना आसान नहीं होता, खासकर तब जब सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य हो। दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर 89 रनों की नाबाद साझेदारी की और पाकिस्तान को ऐसी जीत दिलाई, जिसे लंबे समय तक याद किया जा सकता है। 51 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, वनडे क्रिकेट में रचा इतिहास इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धि 10वें विकेट के लिए बनी साझेदारी रही। उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, सफल रन चेज में वनडे क्रिकेट के इतिहास में 10वें विकेट के लिए यह सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के डेरिक मरे और एंडी रॉबर्ट्स के नाम था। दोनों ने वर्ष 1975 में पाकिस्तान के खिलाफ बर्मिंघम में 267 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10वें विकेट के लिए 64 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की थी। अब शादाब खान और हारिस रऊफ की 89 रनों की साझेदारी ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। करीब 51 साल पुराने इस रिकॉर्ड का टूटना पाकिस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि है। नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए शादाब का बड़ा रिकॉर्ड शादाब खान ने अपनी नाबाद 113 रनों की पारी से एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम किया। रिपोर्ट के मुताबिक, वनडे क्रिकेट में नंबर-8 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए उनकी यह पारी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में शामिल है और उसने पहले के 100 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले आयरलैंड के सिमी सिंह ने 2021 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 100 रन बनाए थे। वहीं, बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज ने 2022 में भारत के खिलाफ नाबाद 100 रनों की पारी खेली थी। शादाब ने इन उपलब्धियों को पीछे छोड़ते हुए अपने वनडे करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। पाकिस्तान फाइनल में पहुंचा, इंग्लैंड की राह मुश्किल इस रोमांचक जीत के साथ पाकिस्तान ने वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। दूसरी ओर, लगातार दो मुकाबले गंवाने के बाद इंग्लैंड के लिए फाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है। पाकिस्तान के लिए यह जीत सिर्फ दो अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। इससे टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। खासकर शादाब खान की शानदार पारी और हारिस रऊफ के साथ उनकी साझेदारी टीम को आगे के मुकाबलों में प्रेरणा दे सकती है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बना यह मुकाबला क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है और पाकिस्तान-इंग्लैंड का यह मुकाबला इसका शानदार उदाहरण बन गया। जब 9 विकेट गिर चुके थे, तब पाकिस्तान की जीत की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही थी। लेकिन शादाब खान ने अपने बल्ले से इतिहास लिख दिया और हारिस रऊफ ने उनका भरपूर साथ दिया। Post Views: 1 Post navigation VERTU: दुनिया का लग्जरी फोन, कीमत 4 करोड़ रुपये से भी ज्यादा