2026 फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में अमेरिका का सफर समाप्त हो गया। बेल्जियम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिका को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। बेल्जियम ने मैच की शुरुआत से ही दबदबा बनाया। चार्ल्स डी केटेलाएरे ने दो गोल किए, जबकि हैंस वानाकेन और रोमेलू लुकाकू ने एक-एक गोल दागकर टीम की बड़ी जीत सुनिश्चित की। अमेरिका की ओर से मालिक टिलमैन ने शानदार फ्री-किक से एकमात्र गोल किया, लेकिन उनकी कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी। Writer by Mohit Kumar 7 july 2026 11: 5 am अमेरिका की रक्षा पंक्ति कई मौकों पर बिखरी हुई नजर आई और गोलकीपर की एक बड़ी गलती का भी बेल्जियम ने पूरा फायदा उठाया। मैच के बाद अमेरिकी कोच Mauricio Pochettino ने स्वीकार किया कि उनकी टीम अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सकी इस जीत के साथ बेल्जियम ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जहां उसका सामना स्पेन से होगा। फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड रद्द कराने की अमेरिका की कोशिश शायद ऐसे विवाद का दरवाज़ा खोल गई, जिसने टीम के विश्व कप अभियान पर ही सवाल खड़े कर दिए। जब पूरा देश इस टीम के साथ जुड़ने लगा था और करोड़ों प्रशंसक फुटबॉल में नई उम्मीद और गर्व की तलाश कर रहे थे, तब चर्चा खेल से ज्यादा फैसलों की निष्पक्षता पर होने लगी। बालोगुन ने मैदान पर एक अनजाने में हुई गलती की थी। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और सही रवैया भी दिखाया, लेकिन इसके बावजूद उनका रेड कार्ड पूरे टूर्नामेंट का बड़ा विवाद बन गया। इसके अगले ही दिन, अमेरिका का विश्व कप सपना भी टूट गया। राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस हार के साथ अमेरिका का वह सपना भी खत्म हो गया, जिसमें वह दुनिया को दिखाना चाहता था कि अमेरिकी फुटबॉल अब नई ऊंचाइयों तक पहुंच चुका है। लगातार चौथी बार टीम का सफर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में ही समाप्त हो गया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम का नारा था – “Why not us?” (क्यों नहीं हम?)। लेकिन बेल्जियम से मिली करारी हार के बाद यही सवाल बदलकर “क्या हो सकता था?” और शायद “आखिर यह सब हुआ कैसे?” में बदल गया। यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि उन उम्मीदों को भी झटका थी जो अमेरिका में फुटबॉल के भविष्य को लेकर पैदा हुई थीं। अब टीम को इस अभियान से सबक लेकर भविष्य की तैयारी करनी होगी। अमेरिका की शानदार विश्व कप यात्रा का निराशाजनक अंत हालांकि मैच के दौरान अमेरिका ने कुछ क्षणों में उम्मीद जरूर जगाई, लेकिन यह प्रदर्शन उस स्तर का नहीं था जिसने इस विश्व कप में दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। शायद इससे पहले किसी अमेरिकी टीम ने विश्व कप में इतना आकर्षक फुटबॉल नहीं खेला था। टीम ने बेहतरीन तालमेल, रचनात्मकता और शानदार गोलों से प्रभावित किया था। साथ ही लंबे समय तक मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन भी किया था। लेकिन बेल्जियम के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में सब कुछ बिखर गया। रक्षापंक्ति की गलतियां, गेंद पर नियंत्रण खोना और गोलकीपर Matt Freese की घबराहट में हुई बड़ी भूल ने अमेरिका की हार तय कर दी। मैच के बाद अमेरिकी मुख्य कोच Mauricio Pochettino ने कहा, “शुरुआत से ही हम मैच की लय नहीं पकड़ सके। हमने गोल जरूर किया, लेकिन तुरंत उसके बाद गोल खा बैठे। बेल्जियम को बधाई, वे हमसे बेहतर खेले। हमने वह प्रदर्शन नहीं किया जिसकी इस टीम से उम्मीद थी।” पिछले 36 घंटों में हुए घटनाक्रम के बाद अमेरिका की शुरुआती एकादश (प्लेइंग इलेवन) में कोई बड़ा आश्चर्य नहीं था। Folarin Balogun एक बार फिर आक्रमण की अगुआई करते हुए मैदान पर उतरे। उन्होंने वही स्थान संभाला, जहां से उन्होंने पहले Paraguay और Bosnia and Herzegovina के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। बालोगुन का खेलना पहले से तय माना जा रहा था, क्योंकि उनके विवादास्पद रेड कार्ड और उसे लेकर हुई राजनीतिक बहस के बावजूद उन्हें टीम का अहम हिस्सा माना गया। हालांकि इस मैच में अमेरिका अपनी लय हासिल नहीं कर सका और विश्व कप जीतने का सपना राउंड ऑफ 16 में ही समाप्त हो गया। बेल्जियम ने शुरुआत से ही अमेरिका पर बनाया दबाव इस मुकाबले में बेल्जियम के मुख्य कोच रूडी गार्सिया ने अपनी टीम चयन से सभी को चौंका दिया। टीम के दो बड़े सितारे केविन डी ब्रुइने और जेरेमी डोकू पूरी तरह फिट होने के बावजूद शुरुआती एकादश में शामिल नहीं थे। उनकी जगह निकोलस रास्किन को मिडफील्ड में प्लेमेकर की भूमिका दी गई, जबकि विंग पर डोडी लुकेबाकियो को मौका मिला। लुकेबाकियो वही खिलाड़ी थे जिन्होंने मार्च में अमेरिका के खिलाफ खेले गए मैत्री मैच में दो गोल दागकर बेल्जियम को 5-2 की जीत दिलाई थी। उस मुकाबले ने अमेरिकी टीम की विश्व स्तरीय विरोधियों के खिलाफ कमजोरियों को उजागर कर दिया था। इस विश्व कप मैच में भी बेल्जियम ने साबित कर दिया कि वे उन कमजोरियों का फायदा उठाना अच्छी तरह जानते हैं। अमेरिका के लिए खतरे की घंटी मैच के आठवें मिनट में ही बज गई थी। अमादू ओनाना ने कई चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए शानदार पास डोडी लुकेबाकियो तक पहुंचाया। लुकेबाकियो ने तेज दौड़ लगाते हुए अमेरिकी रक्षा पंक्ति को चीर दिया और गोल के सामने बेहतरीन क्रॉस दिया, लेकिन यूरी टिलेमांस उसका पूरा फायदा नहीं उठा सके। उस समय अमेरिका बच गया, लेकिन ज्यादा देर तक नहीं। कुछ ही मिनट बाद बेल्जियम ने आखिरकार बढ़त हासिल कर ली। पीछे से आए लंबे पास को लिएंड्रो ट्रोसार्ड ने शानदार नियंत्रण के साथ अपने कब्जे में लिया। उनका हल्का-सा डिफ्लेक्ट हुआ पास निकोलस रास्किन तक पहुंचा, जिन्होंने शानदार पहले टच के साथ गेंद को अमेरिकी डिफेंडरों के बीच से आगे बढ़ाया। वहां मौजूद चार्ल्स डी केटेलारे ने आसान फिनिश करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने स्टेडियम में बड़ी संख्या में मौजूद अमेरिकी समर्थकों को पूरी तरह शांत कर दिया। विश्व कप में दूसरी बार अमेरिका की टीम को शुरुआती झटके का सामना करना पड़ा और उसे कठिन परिस्थिति में वापसी की चुनौती मिल गई। बेल्जियम के सामने बिखरा अमेरिका, विश्व कप का सपना टूटा जैसा कि तुर्की के खिलाफ ग्रुप चरण के औपचारिक मुकाबले में हुआ था, अमेरिका एक बार फिर दबाव में बिखर गया। पूरे टूर्नामेंट में भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाले वेस्टन मैकेनी इस मैच में कई बार ढीले टच और गलत पास देते नजर आए, जिससे बेल्जियम को लगातार मौके मिले। क्रिस्टियन पुलिसिक भी मिडफील्ड में बार-बार गेंद गंवाते रहे, जबकि मजबूत डिफेंडर क्रिस रिचर्ड्स भी एक बार बड़ी गलती करते-करते बचे, जब उनकी चूक से चार्ल्स डी केटेलारे को गोल का आसान मौका मिल सकता था। अमेरिका की हताश रक्षापंक्ति ने किसी तरह दूसरा गोल टाल दिया। अमेरिका की बराबरी का गोल अप्रत्याशित अंदाज में आया। फोलारिन बालोगुन ने शानदार होल्ड-अप खेल दिखाते हुए बॉक्स के किनारे फ्री-किक दिलाई। इसके बाद मालिक टिलमैन ने बेहतरीन फ्री-किक मारी, जो दीवार के ऊपर से निकलते हुए हैंस वानाकेन से हल्का-सा टकराई और गोलकीपर थिबॉट कूर्तुआ को पूरी तरह छका गई। इस गोल के साथ टिलमैन एक ही विश्व कप में दो सीधे फ्री-किक गोल करने वाले इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए। हालांकि यह उपलब्धि अमेरिका के किसी काम नहीं आई। बराबरी का गोल करने के कुछ ही मिनट बाद बेल्जियम ने फिर हमला बोला। एक बार फिर खतरा अमेरिका के दाएं हिस्से से आया। लिएंड्रो ट्रोसार्ड ने शानदार पास दिया, जिस पर चार्ल्स डी केटेलारे ने टिम रीम और एंटोनी रॉबिन्सन के बीच जगह बनाकर शानदार हेडर से बेल्जियम को फिर बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ की शुरुआत में अमेरिकी कोच मौरिसियो पोचेटिनो ने सर्जिन्यो डेस्ट की जगह जियो रेयना को उतारकर मैच का रुख बदलने की कोशिश की। लेकिन 57वें मिनट में गोलकीपर मैट फ्रीस की एक बड़ी गलती ने अमेरिका की उम्मीदों पर लगभग पानी फेर दिया। लंबी गेंद को रोकने के लिए वह अपनी लाइन से काफी आगे निकल आए और फिर गेंद को तुरंत क्लियर करने के बजाय हिचकिचा गए। इसका फायदा उठाते हुए हैंस वानाकेन ने दूर से खाली गोल में आसानी से गेंद पहुंचा दी। इस गोल के बाद फ्रीस और टिम रीम दोनों निराशा में सिर पकड़कर खड़े रह गए। यह गोल लगभग अमेरिका के अभियान का अंत साबित हुआ। फिर 67वें मिनट में मैदान पर आए रोमेलू लुकाकू ने इंजरी टाइम में शानदार फिनिश के साथ बेल्जियम का चौथा गोल दाग दिया और अमेरिकी टीम की बची-खुची उम्मीदें भी खत्म कर दीं। अंतिम सीटी बजते ही अमेरिकी खिलाड़ी मैदान पर ही टूट गए। क्रिस रिचर्ड्स कई मिनट तक घास पर चेहरा छिपाकर पड़े रहे, जबकि उनके साथी खिलाड़ियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। कुछ ही दिनों पहले तक यह अमेरिकी टीम आत्मविश्वास, साहस और आकर्षक फुटबॉल का प्रतीक लग रही थी। लेकिन बेल्जियम के खिलाफ वही टीम दबाव में बिखर गई। विश्व कप जीतने का सपना यहीं समाप्त हो गया और अब अमेरिकी प्रशंसक यही उम्मीद करेंगे कि चार साल बाद उनकी टीम इस निराशा से उबरकर पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर लौटे। Post Views: 3 Post navigation आज 7 जुलाई 2026 (मंगलवार) का सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल: संजू सैमसन ड्रॉप नहीं हुए! 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