इटली ने नवंबर 2023 में प्रयोगशाला में पशु कोशिकाओं से तैयार किए जाने वाले मांस (Lab-Grown Meat) पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून पारित किया था। इस फैसले का उद्देश्य देश की पारंपरिक खेती, कृषि उद्योग और सदियों पुरानी खाद्य संस्कृति की रक्षा करना बताया गया। हालांकि, इस निर्णय ने वैज्ञानिक नवाचार और लोगों की पसंद की स्वतंत्रता को लेकर दुनिया भर में बहस छेड़ दी।

Writer by Mohit Kumar 

28-10-2026 2:52 pm

क्या है लैब में तैयार किया जाने वाला मांस?

आमतौर पर मांस प्राप्त करने के लिए पशुओं को पाला जाता है और उनके वध के बाद मांस का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन लैब-ग्रोwn मीट बनाने की प्रक्रिया अलग है। इसमें पशुओं की कोशिकाओं को लेकर नियंत्रित प्रयोगशाला परिस्थितियों में विकसित किया जाता है, ताकि उनसे मांस जैसा खाद्य उत्पाद तैयार किया जा सके।

वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक पारंपरिक पशुपालन पर निर्भरता कम करने और मांस उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर पशुओं के वध की आवश्यकता घटाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसके पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि इसका उत्पादन किस तकनीक और ऊर्जा स्रोत से किया जाता है।

इटली ने क्यों लगाया प्रतिबंध?

इटली अपनी पारंपरिक खाद्य संस्कृति, स्थानीय कृषि उत्पादों और पशुपालन के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। वहां के समर्थकों का मानना है कि प्रयोगशाला में तैयार मांस के व्यावसायिक उत्पादन और बिक्री से पारंपरिक किसानों तथा कृषि उद्योग को नुकसान पहुंच सकता है।

इसी चिंता के बीच इटली ने ऐसा कानून बनाया, जो पशु कोशिकाओं से तैयार किए गए कुछ खाद्य उत्पादों के उत्पादन, आयात और बिक्री पर रोक लगाता है। कानून के दायरे में पशुओं के चारे के लिए बनाए गए कुछ उत्पाद भी शामिल हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है।

फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

इस प्रतिबंध के समर्थकों का कहना है कि पारंपरिक खेती, स्थानीय किसानों और देश की खाद्य विरासत को सुरक्षित रखना जरूरी है। उनके अनुसार, नई तकनीकों को अपनाने से पहले उनके संभावित प्रभावों पर विचार किया जाना चाहिए।

वहीं, आलोचकों का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंध से वैज्ञानिक अनुसंधान और खाद्य तकनीक के विकास को नुकसान पहुंच सकता है। उनका तर्क है कि यदि भविष्य में लैब में तैयार मांस सुरक्षित और उपयोगी साबित होता है, तो उपभोक्ताओं को इसे चुनने का अवसर मिलना चाहिए।

क्या सभी वैकल्पिक खाद्य पदार्थों पर रोक है?

नहीं। लैब में पशु कोशिकाओं से तैयार किए गए मांस पर प्रतिबंध का अर्थ यह नहीं है कि इटली में सभी कृत्रिम या प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ प्रतिबंधित हैं। सोया, मटर और अन्य पौधों से बनाए जाने वाले सामान्य शाकाहारी मांस के विकल्प इस प्रतिबंध से अलग हैं।

भविष्य में क्या होगा?

इटली का यह फैसला एक बड़े सवाल को सामने लाता है—क्या खाद्य उत्पादन के भविष्य में पारंपरिक कृषि को प्राथमिकता दी जानी चाहिए या नई वैज्ञानिक तकनीकों को भी पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए?

जहां एक ओर पारंपरिक किसान अपनी आजीविका और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिक और तकनीक समर्थक नए विकल्पों को विकसित करने पर जोर देते हैं।

लैब में तैयार मांस को लेकर बहस केवल भोजन तक सीमित नहीं है। यह कृषि, विज्ञान, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा है। आने वाले वर्षों में अलग-अलग देश इस तकनीक को लेकर क्या नीतियां अपनाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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