प्रेमनगर के हॉस्टलों में आधी रात पुलिस की दस्तक,

Writer by Mohit Kumar 

21-8-2026 6:00 pm

देहरादून। पढ़ाई के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से देहरादून आने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और शहर में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से दून पुलिस ने अब पीजी और हॉस्टलों पर निगरानी बढ़ा दी है। 20 अगस्त की देर रात प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस ने विशेष आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में गठित अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र में संचालित कई हॉस्टल और पीजी प्रतिष्ठानों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य हॉस्टल और पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पढ़ाई की आड़ में होने वाली अव्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों, नशे के इस्तेमाल और संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाना रहा।

चार हॉस्टलों में मिली अनियमितताएं

चेकिंग के दौरान पुलिस टीमों को चार हॉस्टलों में कुछ अनियमितताएं मिलीं। पुलिस ने संबंधित संचालकों को तत्काल नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस ने संचालकों को स्पष्ट किया कि हॉस्टल या पीजी चलाना केवल कमरों को किराये पर देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी भी संचालक की है। नियमों की अनदेखी मिलने पर आगे सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

देर रात घूम रहे चार संदिग्ध युवक हिरासत में

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने देर रात क्षेत्र में अनावश्यक रूप से घूम रहे चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस उन्हें थाने लेकर गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि देर रात बिना किसी स्पष्ट कारण के घूमने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों की जांच करना सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पीजी और हॉस्टलों में रहते हैं, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।

रात 10 बजे तक हॉस्टल में प्रवेश की समयसीमा

पुलिस ने हॉस्टल और पीजी संचालकों को छात्रों के लिए रात 10 बजे तक प्रतिष्ठान में प्रवेश की समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य देर रात छात्रों की अनावश्यक आवाजाही को नियंत्रित करना और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उनकी गतिविधियों का रिकॉर्ड उपलब्ध रखना है।

हालांकि, पुलिस के निर्देशों का उद्देश्य छात्रों की सामान्य गतिविधियों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। आवश्यक परिस्थितियों में आने-जाने वाले छात्रों का उचित रिकॉर्ड रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी नजर

चेकिंग के दौरान पुलिस ने संचालकों को निर्देश दिया कि बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन हॉस्टल या पीजी में प्रवेश न दिया जाए

संचालकों को यह भी कहा गया है कि हॉस्टल में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। इसमें आगंतुक का नाम, संपर्क संबंधी विवरण, आने का उद्देश्य और प्रवेश-निकास का रिकॉर्ड शामिल किया जाना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस जांच के दौरान जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

सभी छात्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य

पुलिस ने हॉस्टल और पीजी संचालकों से वहां रह रहे छात्र-छात्राओं की जानकारी भी ली। संचालकों को निर्देश दिया गया कि प्रतिष्ठान में रहने वाले सभी छात्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए।

पुलिस ने साफ किया कि बिना सत्यापन किसी छात्र को पीजी या हॉस्टल में रखने की स्थिति में संबंधित संचालक की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हॉस्टल और पीजी में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और आवश्यक जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में उपलब्ध रहे।

सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश

पुलिस ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए हैं। प्रवेश और निकास वाले स्थानों के साथ-साथ प्रतिष्ठान के महत्वपूर्ण हिस्सों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

सीसीटीवी कैमरे किसी भी घटना की स्थिति में महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध कराने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में भी मददगार साबित हो सकते हैं। पुलिस ने संचालकों को कैमरों की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

नशे और आपराधिक गतिविधियों पर सख्त चेतावनी

दून पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई छात्र आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, रात में अनावश्यक रूप से घूमता मिलता है या हॉस्टल में नशीले पदार्थों के सेवन की शिकायत सामने आती है, तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।

ऐसी स्थिति में केवल संबंधित छात्र ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार प्रतिष्ठान संचालक की भूमिका और जिम्मेदारी की भी जांच की जाएगी। पुलिस ने संचालकों को चेतावनी दी है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में नशे और असामाजिक गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बढ़ावा न मिलने दें।

पुलिस की नजर में क्यों आया प्रेमनगर क्षेत्र

देहरादून का प्रेमनगर क्षेत्र लंबे समय से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षण संस्थानों से जुड़ा इलाका माना जाता है। यहां विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थी हॉस्टल, पीजी और किराये के कमरों में रहते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी के कारण सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन को लेकर पुलिस की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

पुलिस का यह अभियान इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। आकस्मिक चेकिंग के जरिए पुलिस यह देखना चाहती है कि हॉस्टल और पीजी संचालक नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं और वहां रहने वाले छात्रों की जानकारी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध है या नहीं।

संचालकों की जवाबदेही भी तय होगी

पुलिस ने इस अभियान के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। हॉस्टल और पीजी संचालकों को भी अपने प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।

बिना सत्यापन छात्रों को रखना, बाहरी लोगों को बिना जांच प्रवेश देना, रिकॉर्ड सुरक्षित नहीं रखना या परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की अनदेखी करना संचालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

आगे भी जारी रहेगा चेकिंग अभियान

पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, नशे पर नियंत्रण और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए पीजी और हॉस्टलों की चेकिंग आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस की टीमें समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण कर सकती हैं, जिससे संचालकों में नियमों के पालन को लेकर जवाबदेही बनी रहे और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

पुलिस का स्पष्ट संदेश

दून पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि शहर के छात्र क्षेत्रों में अब सत्यापन, सीसीटीवी, आगंतुकों का रिकॉर्ड और देर रात की गतिविधियों को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि उसका प्राथमिक उद्देश्य छात्रों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और हॉस्टल-पीजी परिसरों को असामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों से मुक्त रखना है।

पुलिस ने हॉस्टल और पीजी संचालकों से नियमों का गंभीरता से पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। आने वाले दिनों में भी यदि किसी प्रतिष्ठान में लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *