Rajasthan Municipal Election Result 2026 Live Updates: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजों के लिए सोमवार को मतगणना शुरू हो गई। प्रदेश के 309 शहरी निकायों में पार्षद पदों के लिए हुए चुनाव के परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जयपुर, उदयपुर और कोटा में बढ़त बनाई है, जबकि जोधपुर और पाली नगर निगम में कांग्रेस आगे चल रही है।

इन चुनाव परिणामों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर है, क्योंकि शहरी राजस्थान में जनता का रुझान आगामी 2028 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

जयपुर में BJP का दबदबा, 150 वार्डों पर हुआ मतदान

Writer by Mohit Kumar 

14-9-2026 12:5 pm

राजस्थान की राजधानी जयपुर इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण नगर निकायों में शामिल है। इस बार जयपुर में 150 वार्डों के लिए मतदान हुआ था। मतगणना के शुरुआती रुझानों में BJP कई वार्डों में बढ़त बनाती दिखाई दे रही है।

पिछले नगर निकाय चुनाव में जयपुर को दो नगर निगमों—हेरिटेज और ग्रेटर—में बांटकर चुनाव कराया गया था। उस समय कांग्रेस और BJP ने एक-एक नगर निगम में जीत हासिल की थी। इस बार जयपुर के परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि राजधानी में पार्षदों का गणित आगे चलकर नगर निगम के नेतृत्व को प्रभावित करेगा।

उदयपुर और कोटा में भी BJP आगे

जयपुर के अलावा उदयपुर और कोटा से भी BJP के पक्ष में शुरुआती रुझान सामने आए हैं। दोनों शहर राजस्थान के प्रमुख शहरी केंद्र हैं और यहां के चुनाव परिणाम राज्य की शहरी राजनीति में BJP की स्थिति को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि, मतगणना अभी जारी है और अंतिम परिणाम आने तक कई वार्डों में तस्वीर बदल सकती है।

जोधपुर में कांग्रेस ने बनाई बढ़त

दूसरी ओर, जोधपुर नगर निगम में कांग्रेस शुरुआती रुझानों में BJP से आगे चल रही है। जोधपुर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राजनीतिक क्षेत्र भी रहा है, इसलिए यहां के नतीजों को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

पाली नगर निगम में भी कांग्रेस के पक्ष में बढ़त की खबर है। ऐसे में राजस्थान के अलग-अलग प्रमुख शहरों में BJP और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।

10,245 पार्षद पदों के लिए हुई मतगणना

राजस्थान के 309 शहरी निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव हुआ है। इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में 18,266 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है।

चुनाव में कुल 4,852 वार्डों को शामिल किया गया था। राज्य में इन चुनावों के लिए दो चरणों में मतदान कराया गया।

पहले चरण में 9 सितंबर को मतदान हुआ, जिसमें करीब 76.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान हुआ और करीब 70.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

1.44 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने लिया हिस्सा

राजस्थान के इन शहरी निकाय चुनावों में 1.44 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के लिए पात्र थे। प्रदेश में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाओं के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ BJP और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगाई थी। ऐसे में अब चुनाव परिणामों से यह पता चलेगा कि शहरी इलाकों में किस पार्टी को जनता का अधिक समर्थन मिला है।

21 सितंबर को चुने जाएंगे मेयर और सभापति

पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद नगर निकायों में अगली महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होगी। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को मेयर और चेयरपर्सन/सभापति का चुनाव कराया जाएगा।

इसके बाद 22 सितंबर को डिप्टी मेयर, डिप्टी चेयरपर्सन और नगर निकायों के उपाध्यक्ष चुने जाएंगे। इसलिए पार्षदों के अंतिम परिणाम के साथ-साथ आने वाले दिनों में नगर निकायों में सत्ता का समीकरण भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।

2028 विधानसभा चुनाव से पहले अहम परीक्षा

राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 को BJP और कांग्रेस के लिए 2028 विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। खासकर जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों के परिणाम दोनों दलों के लिए राजनीतिक संदेश लेकर आएंगे।

फिलहाल शुरुआती रुझानों में जयपुर, उदयपुर और कोटा में BJP, जबकि जोधपुर और पाली में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, मतगणना पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि किस पार्टी को वास्तव में कितनी सीटों पर जीत मिली।

राजस्थान नगर निकाय चुनाव परिणाम 2026 से जुड़े सभी प्रमुख अपडेट और वार्डवार नतीजों के लिए मतगणना पर नजर बनी हुई है।

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