यमुनानगर, हरियाणा: हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथनीकुंड बैराज पर भारतीय सेना की 1 Para Special Forces की ट्रेनिंग के दौरान मंगलवार, 1 सितंबर 2026 की शाम बड़ा हादसा हो गया। यमुना में वाटरमैनशिप ट्रेनिंग के दौरान सेना की मोटर बोट तेज बहाव और बैराज के गेटों के पास बने तेज भंवर में फंसकर पलट गई। हादसे के बाद दो जवान लापता हो गए, जबकि तीन जवान सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। Writer by Mohit Kumar 3-9-2026 4:48 pm ट्रेनिंग के दौरान कैसे हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक 1 Para SF के जवान हथनीकुंड बैराज पर जल-आधारित प्रशिक्षण अभ्यास कर रहे थे। शाम करीब 5 बजे अभ्यास के दौरान मोटर बोट में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद नाव तेज बहाव की चपेट में आ गई और उसे संभालना मुश्किल हो गया। सेना के अनुसार नाव बैराज के डाउनस्ट्रीम हिस्से में तेज धार और खतरनाक भंवरों (eddies) में फंस गई, जिसके बाद वह पलट गई। बताया गया है कि नाव पर सवार जवानों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। हादसे के बाद कुछ जवानों ने पानी में उतरकर सुरक्षित निकलने की कोशिश की। तीन जवान तैरकर सुरक्षित पहुंच गए, लेकिन दो जवान तेज बहाव में बह गए और उनका पता नहीं चल सका। दो कमांडो की तलाश में बड़ा सर्च ऑपरेशन घटना के तुरंत बाद भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। लापता जवानों की तलाश के लिए बैराज, यमुना और उससे जुड़े नहर क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को भी हवाई निगरानी के लिए लगाया गया। खोज अभियान को आसान बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने हथनीकुंड बैराज से पश्चिमी यमुना नहर में पानी का बहाव कम किया। सेना और राहत एजेंसियां डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में भी लगातार तलाश कर रही हैं। लापता जवानों को लेकर सामने आई जानकारी मीडिया रिपोर्टों में लापता जवानों में जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र से जुड़े सैनिकों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, जवानों की पहचान को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में भिन्न जानकारी सामने आई है और सेना की ओर से सभी व्यक्तिगत विवरण तत्काल सार्वजनिक नहीं किए गए थे। इसलिए आधिकारिक पुष्टि के बिना नामों को अंतिम रूप से प्रकाशित करना उचित नहीं होगा। हाई-रिस्क ट्रेनिंग के दौरान हादसा Para SF के जवानों को कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। नदियों और नहरों में इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य जवानों को तेज बहाव वाले जल क्षेत्रों को पार करने और बचाव जैसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना होता है। लेकिन हथनीकुंड बैराज पर तेज पानी के बहाव और नाव में तकनीकी खराबी के चलते प्रशिक्षण अचानक हादसे में बदल गया। फिलहाल दो जवानों की तलाश के लिए सेना और अन्य एजेंसियों का अभियान जारी है। हादसे ने एक बार फिर तेज बहाव वाले जल क्षेत्रों में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को सामने ला दिया है। Post Views: 1 Post navigation 2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने मचाया बॉक्स ऑफिस पर तहलका, 26 दिन में ₹54 करोड़ पार; ऐसे बदली पूरी कहानी