नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में जन्माष्टमी से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार तड़के से ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। आसमान में छाए काले बादलों और लगातार कड़कती बिजली ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। Writer by Mohit Kumar 5-9-2026 12:27 pm सुबह के समय बारिश तेज होने के कारण काम पर निकलने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग छाता लेकर तो कुछ लोग बारिश से बचने के लिए रेनकोट में नजर आए। वहीं, बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा होने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। उमस से मिली राहत, तापमान में गिरावट लगातार बारिश के कारण दिल्ली-NCR के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। ठंडी हवाओं और बादलों के कारण सुबह का मौसम काफी सुहावना रहा। बारिश के बाद हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण भी कम हुए हैं, जिसके चलते कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार देखने को मिल रहा है। लोगों ने लंबे समय बाद मौसम में ठंडक और ताजगी महसूस की। कई इलाकों में जलभराव हालांकि, लगातार हो रही बारिश ने दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या भी पैदा कर दी। निचले इलाकों और कुछ प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। सुबह के समय ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को ट्रैफिक की समस्या का भी सामना करना पड़ा। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कुछ हिस्सों में भी बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हुआ। कई जगह वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ा। आगे भी जारी रह सकता है बारिश का दौर मौसम में आए इस बदलाव से दिल्ली-NCR के लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। आसमान में बादल छाए रहने और बारिश का दौर जारी रहने से आने वाले घंटों में भी मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है। हालांकि, तेज बारिश के दौरान जलभराव, फिसलन और ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए घर से निकलने की सलाह दी जाती है। Post Views: 3 Post navigation आज का तुला राशिफल 5 सितंबर 2026: मेहनत से मिलेंगे अच्छे अवसर, आर्थिक स्थिति होगी बेहतर पिथौरागढ़ में भारी बारिश से हालात बिगड़े, काली नदी चेतावनी स्तर के करीब; 50 हजार आबादी पर मंडराया खतरा