मुंबई में गणेश चतुर्थी के दौरान तेज आवाज वाले DJ और खतरनाक लेजर लाइट्स के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। पुलिस का जोर इस बात पर है कि उत्सव की भव्यता के साथ ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा नियमों का भी ध्यान रखा जाए। Writer by Mohit Kumar 5-9-2026 4:27 pm मुंबई पुलिस की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना जरूरी है। आवासीय इलाकों में सामान्य सीमा दिन में 55 dB और रात में 45 dB है। लेजर लाइट्स क्यों बनीं चिंता ? गणेशोत्सव की शोभायात्राओं में इस्तेमाल होने वाली तेज और हाई-इंटेंसिटी लेजर बीम आंखों पर असर डाल सकती हैं। खासकर सड़क, भीड़ और आसपास के वाहनों के बीच इनका इस्तेमाल सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन सकता है। वहीं एयरपोर्ट के आसपास लेजर बीम विमान संचालन में भी परेशानी पैदा कर सकती है। पारंपरिक ढोल-ताशा पर जोर प्रशासन और कई गणेश मंडलों की ओर से लोगों से पारंपरिक ढोल-ताशा और सांस्कृतिक तरीके से उत्सव मनाने की अपील की जा रही है। मुंबई में गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों ने भी अत्यधिक तेज आवाज से बचने और निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करने की बात कही है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में गणेशोत्सव को लेकर पुलिस ने मंडलों को आवश्यक अनुमति लेने और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। पनवेल और नवी मुंबई क्षेत्र में तो DJ, Dolby सिस्टम और लेजर लाइट्स के खिलाफ विशेष रूप से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। **संदेश साफ है—बप्पा का स्वागत पूरे उत्साह से करें, लेकिन ऐसा उत्सव मनाएं जिससे श्रद्धालुओं, बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी न हो। परंपरा की खूबसूरती बनाए रखते हुए गणपति बप्पा मोरया के जयघोष और ढोल-ताशे के साथ उत्सव को यादगार बनाया जा सकता है।** Post Views: 38 Post navigation El Niño Effect: अगस्त बना सबसे गर्म, बारिश 16% कम; प्रशांत महासागर का ‘मौसमी दैत्य’ बढ़ा सकता है किसानों की चिंता समोसे के लिए बेच दिया घर, छोड़ दी नौकरी! कपल ने खड़ा किया अनोखा बिजनेस