नई दिल्ली: दिल्ली में पीजी (Paying Guest) आवासों की सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने आज बड़े स्तर पर सर्वे किया। दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से किए गए इस सर्वे में राजधानी के अलग-अलग इलाकों में मौजूद 1,118 PG accommodations की जांच की गई। राहत की बात यह रही कि सर्वे के दौरान एक भी PG खतरनाक श्रेणी में नहीं पाया गया।

Writer by Mohit Kumar 

11-9-2026 2:48 pm

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर 3 बजे तक किए गए सर्वे में 1,080 PG पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। वहीं, 29 PG में मामूली मरम्मत की जरूरत सामने आई, जबकि 6 PG को बड़ी मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है।

20 हजार से ज्यादा छात्र इन PG में रह रहे हैं

नगर निगम के सर्वे से यह भी सामने आया कि इन पीजी आवासों में 20,000 से अधिक छात्र रह रहे हैं। ऐसे में पीजी भवनों की सुरक्षा जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा इन आवासों में रहते हैं।

खतरनाक श्रेणी में कोई PG नहीं

सर्वे का सबसे अहम पहलू यह रहा कि जांच किए गए 1,118 पीजी में से किसी को भी खतरनाक श्रेणी में नहीं रखा गया। हालांकि, कुछ भवनों में मरम्मत की जरूरत सामने आने के बाद संबंधित पीजी संचालकों को आवश्यक सुधार कराने की जरूरत होगी।

1,080 सुरक्षित PG मिलने से जहां प्रशासन को राहत मिली है, वहीं 29 मामूली और 6 बड़े मरम्मत वाले पीजी पर आगे की कार्रवाई और सुधार महत्वपूर्ण रहेगा।

छात्रों की सुरक्षा पर फोकस

दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग-अलग इलाकों में पीजी में रहते हैं। ऐसे में भवन की मजबूती, बिजली व्यवस्था, आग से सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की नियमित जांच छात्रों की सुरक्षा के लिए अहम है।

नगर निगम के आज के सर्वे के आंकड़े फिलहाल यह संकेत देते हैं कि जांच किए गए पीजी में कोई भी आवास तत्काल खतरनाक स्थिति में नहीं मिला। हालांकि, जिन पीजी में मरम्मत की जरूरत बताई गई है, वहां समय पर सुधार कराना जरूरी होगा ताकि भविष्य में किसी तरह की सुरक्षा समस्या पैदा न हो।

मुख्य आंकड़े:

कुल सर्वे किए गए PG: 1,118

सुरक्षित PG: 1,080

मामूली मरम्मत की जरूरत: 29

बड़ी मरम्मत की जरूरत: 6

खतरनाक श्रेणी: 0

इन PG में रहने वाले छात्र: 20,000 से अधिक

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