उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गाजणा क्षेत्र के गोरसाड़ा गांव का एक परिवार पिछले करीब आठ वर्षों से अपने बेटे और पिता की घर वापसी का इंतजार कर रहा है। परिवार के अनुसार, गांव के रहने वाले इंद्रमणि नौटियाल वर्ष 2018 में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि विदेश में काम करके वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करेंगे, लेकिन वहां हुए एक सड़क हादसे के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। Writer by Mohit Kumar 18-9-2026 7:13 pm इंद्रमणि रियाद की एक निजी कंपनी में ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे। इसी दौरान वह एक सड़क हादसे से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ गए। परिवार के मुताबिक, इस मामले में उन्हें सऊदी अरब के कानून के तहत करीब एक साल जेल की सजा सुनाई गई। इंद्रमणि ने अपनी जेल की सजा पूरी कर ली, लेकिन इसके बाद भी उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ नहीं हो सका। जेल की सजा पूरी होने के बाद भी नहीं लौट पाए घर परिवार का कहना है कि इंद्रमणि की सबसे बड़ी परेशानी अब उनके ऊपर बताई जा रही भारी देनदारी है। परिजनों के अनुसार, उन पर करीब 9 लाख सऊदी रियाल की देनदारी है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 2.29 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी रकम चुकाना परिवार के लिए संभव नहीं है। यही वजह बताई जा रही है कि इंद्रमणि की स्वदेश वापसी लंबे समय से अटकी हुई है। एक तरफ परिवार अपने प्रियजन के लौटने की आस लगाए बैठा है, वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी आर्थिक देनदारी उनके सामने बड़ी बाधा बनकर खड़ी है। बेटी ने हाथ जोड़कर लगाई गुहार इंद्रमणि की बेटी अपने पिता की घर वापसी के लिए भावुक अपील कर रही है। उसकी गुहार है कि किसी तरह उसके पिता को वापस भारत लाया जाए। वर्षों से पिता से दूर रहने का दर्द परिवार के लिए लगातार बढ़ता जा रहा है। एक बेटी के लिए अपने पिता को वर्षों तक अपने पास न देख पाना कितना मुश्किल होता है, इसका अंदाजा परिवार की स्थिति से लगाया जा सकता है। परिवार चाहता है कि संबंधित स्तर पर मामले को देखा जाए और इंद्रमणि की भारत वापसी का कोई रास्ता निकले। आठ साल से घर की राह देख रहा परिवार वर्ष 2018 में सऊदी अरब गए इंद्रमणि को अपने परिवार से दूर रहते हुए करीब आठ साल हो चुके हैं। जिस उम्मीद के साथ वह रोजगार के लिए विदेश गए थे, वह सफर अब उनके परिवार के लिए चिंता और इंतजार में बदल गया है। में उनका परिवार आज भी उनकी वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है। परिजनों की मांग है कि संबंधित भारतीय अधिकारी और अन्य जिम्मेदार संस्थाएं मामले में आवश्यक मदद और कानूनी प्रक्रिया के बारे में रास्ता तलाशें, ताकि लंबे समय से विदेश में फंसे इंद्रमणि अपने परिवार के बीच वापस लौट सकें। यह मामला केवल आर्थिक परेशानी का नहीं, बल्कि एक परिवार के वर्षों लंबे इंतजार और बिछड़ने की पीड़ा का भी है। अब परिवार की नजर इस बात पर है कि इंद्रमणि की स्वदेश वापसी के लिए क्या समाधान निकलता है। Post Views: 5 Post navigation पतंजलि के ₹50 करोड़ मानहानि केस पर बृजभूषण का पलटवार, बोले- “कचरा रिफाइन कर घी के नाम पर बेचने का आरोप” गणेश चतुर्थी पर विक्की संग पहुंचीं कैटरीना कैफ, सोशल मीडिया पर हुईं ट्रोल