मुंबई: हिंदी सिनेमा के जाने-पहचाने अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 की शाम निधन हो गया। फिल्म वेलकम, गदर, आशिकी और हम हैं राही प्यार के जैसी फिल्मों में अपने यादगार किरदारों से दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

Writer by Mohit Kumar 

25-9-2026 5:58 pm

नानावटी अस्पताल में चल रहा था इलाज

रिपोर्टों के मुताबिक, मुश्ताक खान की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह करीब 15 दिनों से अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम के मुताबिक, मुश्ताक खान को पहले फेफड़ों का कैंसर हुआ था और इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया था। हालांकि, बीमारी दोबारा लौट आई और उनकी हालत गंभीर होती चली गई।

कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि कैंसर के दोबारा उभरने के बाद संक्रमण लिवर तक भी फैल गया था। उनके करीबी के अनुसार, 24 सितंबर की शाम करीब 7 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।

‘वेलकम’ के बल्लू ने जीता था दर्शकों का दिल

मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी करियर में ज्यादातर सपोर्टिंग, कैरेक्टर और कॉमिक भूमिकाएं निभाईं। हालांकि उनके किरदार कई बार छोटे रहे, लेकिन उनकी सहज अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई।

साल 2007 में रिलीज हुई अक्षय कुमार और कटरीना कैफ स्टारर फिल्म ‘वेलकम’ में उनका ‘बल्लू’ का किरदार खास तौर पर लोकप्रिय हुआ। फिल्म में उनका मशहूर कॉमिक संवाद “मेरी एक टांग नकली है…” आज भी सोशल मीडिया और मीम कल्चर में याद किया जाता है।

‘आशिकी’ से ‘गदर’ तक कई फिल्मों में किया काम

मुश्ताक खान का फिल्मी सफर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने आशिकी, हम हैं राही प्यार के, हेरा फेरी, जुड़वा, जोडी नंबर 1, मुझसे शादी करोगी, गदर, वेलकम, वांटेड, राउडी राठौड़, गदर 2 और स्त्री 2 सहित कई फिल्मों में काम किया।

उनकी खासियत यह थी कि वह छोटे से छोटे किरदार में भी अपनी अलग छाप छोड़ देते थे। कॉमेडी के साथ-साथ उन्होंने गंभीर और चरित्र भूमिकाएं भी निभाईं।

फिल्मों के साथ टीवी पर भी बनाई पहचान

मुश्ताक खान केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में भी काम किया और भारत एक खोज, नुक्कड़, अदालत तथा कुछ रंग प्यार के ऐसे भी जैसे टीवी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे।

रिपोर्टों के अनुसार, उनके नाम फिल्मों और टेलीविजन को मिलाकर सैकड़ों अभिनय क्रेडिट दर्ज हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई तरह के किरदार निभाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

संघर्ष से मिली थी बॉलीवुड में पहचान

मुश्ताक खान का सफर आसान नहीं था। रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई आने के शुरुआती दिनों में उन्होंने काफी संघर्ष किया। थिएटर से जुड़ने के बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। महेश भट्ट के साथ काम करने का अवसर भी उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

धीरे-धीरे उन्होंने हिंदी फिल्मों में अपनी जगह बनाई और बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की। उनके लिए खास बात यह रही कि उन्होंने मुख्य अभिनेता न होते हुए भी अपने किरदारों के जरिए दर्शकों की यादों में जगह बनाई।

पर्दे पर हंसाने वाला कलाकार छोड़ गया गहरी छाप

मुश्ताक खान की पहचान ऐसे कलाकार के रूप में रही, जिन्होंने अपनी सहज अदाकारी और कॉमिक अंदाज से दर्शकों को खूब हंसाया। वेलकम का बल्लू हो या दूसरी फिल्मों के छोटे-बड़े किरदार, उन्होंने हर भूमिका को अपने अंदाज में निभाया।

उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे चरित्र अभिनेता को खो दिया है, जिसने दशकों तक अलग-अलग फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में काम किया। पर्दे पर लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाले मुश्ताक खान की याद उनके निभाए किरदारों और खासकर ‘वेलकम’ के बल्लू के रूप में लंबे समय तक दर्शकों के बीच बनी रहेगी।

अंतिम विदाई

रिपोर्टों के मुताबिक, मुश्ताक खान को 25 सितंबर को मुंबई के यारी रोड स्थित कब्रिस्तान में अंतिम विदाई दी गई। उनकी अंतिम विदाई में परिवार, करीबी लोगों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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