Yuzvendra Chahal Retirement: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। चहल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने क्रिकेट सफर, बचपन की यादों और रेड-बॉल क्रिकेट से अपने गहरे जुड़ाव को याद किया। उनके इस फैसले के बाद क्रिकेट फैंस के बीच भी भावुक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। Writer by Mohit Kumar 4-10-2026 22:3 pm 10 साल की उम्र में पहली बार हाथ में पकड़ी थी लाल गेंद युजवेंद्र चहल ने अपनी पोस्ट में बताया कि जब उन्होंने पहली बार क्रिकेट की गेंद हाथ में पकड़ी थी, तब उनकी उम्र महज 10 साल थी। उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि आने वाले वर्षों में क्रिकेट उनके जीवन का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा। चहल ने लिखा कि उनके लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं रहा। इसी प्रारूप में उन्होंने धैर्य, संघर्ष, चरित्र और मुश्किल परिस्थितियों में टिके रहने का असली मतलब सीखा। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट ने सिखाया धैर्य और संघर्ष चहल के मुताबिक रेड-बॉल क्रिकेट में लंबे समय तक मैदान पर रहना और हर रन तथा हर विकेट के लिए संघर्ष करना उनके क्रिकेट सफर का बेहद खास हिस्सा रहा। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट ने उन्हें न सिर्फ एक बेहतर क्रिकेटर बनाया, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता भी दी। उनकी भावुक पोस्ट से साफ है कि फर्स्ट-क्लास क्रिकेट उनके दिल के बेहद करीब रहा है। यही वजह है कि इस फॉर्मेट को अलविदा कहते हुए चहल ने अपने सफर को याद किया और इस दौरान मिले हर मौके के लिए आभार व्यक्त किया। लॉर्ड्स में खेला आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच चहल ने बताया कि उन्होंने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मुकाबला ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला। उनके लिए यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि टेस्ट क्रिकेट खेलना उनके करियर के बड़े सपनों में से एक रहा था। उन्होंने स्वीकार किया कि टेस्ट कैप हासिल करने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन इसके बावजूद वह अपने पूरे क्रिकेट सफर से खुश हैं। चहल ने कहा कि वह इस फॉर्मेट से मिली हर सीख और हर अवसर के लिए बेहद आभारी हैं। टेस्ट कैप का सपना नहीं हुआ पूरा युजवेंद्र चहल का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर सीमित ओवरों के क्रिकेट में काफी प्रभावशाली रहा है। हालांकि उन्हें भारत की टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। उनकी हालिया पोस्ट में भी इस सपने का जिक्र भावुक अंदाज में किया गया। टेस्ट क्रिकेट की कैप उनके लिए हमेशा एक खास सपना रही, लेकिन वह सपना पूरा नहीं हो पाया। इसके बावजूद चहल ने अपने सफर को लेकर किसी तरह का अफसोस जताने के बजाय इसे लेकर संतुष्टि और कृतज्ञता जाहिर की। फैंस के लिए भावुक पल चहल का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेना उनके प्रशंसकों के लिए भी भावुक पल है। मैदान पर अपनी चतुर लेग स्पिन, गुगली और विकेट लेने की क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले चहल ने क्रिकेट के अलग-अलग प्रारूपों में अपनी खास पहचान बनाई है। उनकी इस पोस्ट में बचपन से लेकर लॉर्ड्स तक का सफर दिखाई देता है। 10 साल की उम्र में हाथ में पकड़ी गई लाल गेंद से शुरू हुआ उनका यह सफर अब फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के स्तर पर एक नए पड़ाव पर पहुंच गया है। चहल ने अपने संदेश के जरिए यह भी स्पष्ट किया कि क्रिकेट से उनका रिश्ता केवल आंकड़ों और उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। उनके लिए यह खेल सीख, संघर्ष, धैर्य और जिंदगी के कई महत्वपूर्ण सबक हासिल करने का माध्यम रहा है। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट को अलविदा कहते हुए चहल ने अपने इस सफर को सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया है। Post Views: 5 Post navigation IND vs WI 3rd ODI: भारत की नजर क्लीन स्वीप पर, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी, शुरुआत में लगे झटके स्मित मछार के मुरीद हुए जावेद अख्तर, बोले- महावीर चक्र मिलना चाहिए; 174 लोगों की जान बचाने वाले पायलट की जमकर तारीफ