जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम Writer by Mohit Kumar 25-7-2026 2:47 pm नई दिल्ली। देशभर में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। खबर है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। यह खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। छात्र संगठनों, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए आगे की सरकारी कार्रवाई पर नजरें टिका दी हैं। क्या है छात्र आंदोलन का मुद्दा पिछले कई दिनों से छात्र विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत परीक्षा प्रणाली की खामियों के कारण प्रभावित होती है, जिससे उनका भविष्य भी संकट में पड़ जाता है। जंतर-मंतर बना आंदोलन का केंद्र दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय छात्र आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रख रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग लगातार दोहराई जा रही है। इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस घटनाक्रम पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया है। वहीं, छात्रों का कहना है कि केवल इस्तीफा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। सरकार के सामने नई चुनौती यदि इस्तीफा स्वीकार किया जाता है, तो सरकार के सामने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति के साथ-साथ छात्रों का विश्वास बहाल करने की बड़ी चुनौती होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा नीति में सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। देशभर की नजरें अगले फैसले पर अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है। छात्र संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए है। आने वाले दिनों में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत तथा नए फैसले इस पूरे आंदोलन की दिशा तय कर सकते हैं। NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी को भेजा त्यागपत्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने यह फैसला लिया. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक इसका ऐलान किया और इस्तीफा देने की वजह भी बताई. अपने चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं. उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है. Iski headlines Banakar do Post Views: 1 Post navigation 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म: सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, सरकार के आश्वासन के बाद टूटा अनशन; ‘सीक्रेट डील’ की अफवाहों को किया खारिज