ENG vs PAK: इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स टेस्ट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 20 अगस्त को खेले जा रहे मुकाबले में रूट ने ऐसा कारनामा किया, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर के बेहद करीब पहुंचा दिया है।

Writer by Mohit Kumar 

21-8-2026 11:17 am

रूट की बल्लेबाजी सिर्फ इंग्लैंड के लिए रन बनाने तक सीमित नहीं रह गई है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के लगभग हर बड़े बल्लेबाजी रिकॉर्ड की ओर तेजी से कदम बढ़ाया है। अब उनके सामने सचिन तेंदुलकर के कुछ ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिन्हें कभी क्रिकेट की दुनिया में लगभग अछूता माना जाता था।

सचिन तेंदुलकर के खास रिकॉर्ड की बराबरी

पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स में जारी टेस्ट में जो रूट ने एक खास उपलब्धि हासिल कर सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली।

रूट लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता का दूसरा नाम बने हुए हैं। उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में रन बनाए हैं और तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिनरों के खिलाफ भी शानदार प्रदर्शन किया है।

सचिन तेंदुलकर ने अपने लंबे टेस्ट करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना लगभग असंभव माना जाता था। लेकिन रूट की मौजूदा फॉर्म और उनके करियर के आंकड़े बताते हैं कि वह अब उन रिकॉर्ड्स के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

अब रडार पर सचिन का सबसे बड़ा टेस्ट रिकॉर्ड

जो रूट के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है।

सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाए थे। यह रिकॉर्ड वर्षों से टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित बल्लेबाजी रिकॉर्ड्स में शामिल रहा है।

रूट ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए इस अंतर को काफी कम कर दिया है। यही वजह है कि क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रूट आने वाले समय में सचिन को पीछे छोड़कर टेस्ट क्रिकेट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन पाएंगे?

अगर रूट इसी तरह रन बनाते रहे और उनका करियर कुछ और वर्षों तक चलता रहा, तो सचिन का यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड खतरे में पड़ सकता है।

पहला महारिकॉर्ड: टेस्ट में सबसे ज्यादा रन

सचिन तेंदुलकर — 15,921 रन

सचिन ने भारत के लिए 200 टेस्ट मैच खेले और 15,921 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक भी दर्ज हैं।

जो रूट अब इस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यही कारण है कि उनकी प्रत्येक टेस्ट पारी पर दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहती है।

रूट के पास सबसे बड़ा फायदा उनकी निरंतरता है। वह लंबे समय तक इंग्लैंड की टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं और लगातार रन बनाने की क्षमता ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

दूसरा महारिकॉर्ड: सबसे ज्यादा टेस्ट शतक

सचिन तेंदुलकर के नाम 51 टेस्ट शतक हैं।

यह रिकॉर्ड भी लंबे समय से क्रिकेट की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रिकॉर्ड्स में शामिल है। जो रूट भी लगातार शतक लगाकर इस आंकड़े के करीब पहुंच रहे हैं।

रूट अगर अपनी मौजूदा गति बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह सचिन के 51 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।

यानी रूट के लिए सिर्फ रन बनाने का रिकॉर्ड ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि टेस्ट शतकों का ऐतिहासिक आंकड़ा भी उनकी पहुंच में दिखाई दे रहा है।

तीसरा बड़ा रिकॉर्ड भी रूट की नजर में

रूट के सामने टेस्ट क्रिकेट से जुड़े कई अन्य बड़े रिकॉर्ड भी हैं। इनमें लंबे टेस्ट करियर में सबसे ज्यादा रन, शतकों की संख्या और लगातार प्रभावी प्रदर्शन जैसे आंकड़े शामिल हैं।

इंग्लैंड के इस बल्लेबाज की खासियत यह है कि वह सिर्फ किसी एक दौर के गेंदबाजों के खिलाफ सफल नहीं रहे। उन्होंने अलग-अलग पीढ़ियों के गेंदबाजों का सामना किया और परिस्थितियां बदलने के बावजूद अपनी बल्लेबाजी शैली में जरूरी बदलाव किए।

यही वजह है कि रूट का नाम अब टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की सूची में लगातार ऊपर जा रहा है।

सचिन और रूट में क्या है खास अंतर

सचिन तेंदुलकर और जो रूट दो अलग-अलग क्रिकेट युगों के बल्लेबाज हैं। सचिन ने ऐसे दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला जब टेस्ट क्रिकेट के साथ-साथ वनडे क्रिकेट का भी दबाव लगातार बढ़ रहा था।

वहीं रूट आधुनिक क्रिकेट के उस दौर में खेल रहे हैं जहां टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजी, रिवर्स स्विंग, स्पिन और लगातार बदलती रणनीतियों का सामना करना पड़ता है।

दोनों की बल्लेबाजी शैली अलग है, लेकिन एक चीज समान है—लंबे समय तक विश्वस्तरीय प्रदर्शन करने की क्षमता।

रूट के लिए पाकिस्तान के खिलाफ यह पारी क्यों खास

पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स टेस्ट में रूट की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपने करियर के उस पड़ाव पर हैं जहां उनके हर रन का ऐतिहासिक महत्व बढ़ता जा रहा है।

एक समय सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को छूना भी किसी बल्लेबाज के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता था। अब रूट उसी रिकॉर्ड बुक में लगातार अपना नाम दर्ज कराते जा रहे हैं।

उनकी प्रत्येक बड़ी पारी क्रिकेट इतिहास के आंकड़ों को बदल सकती है।

क्या सचिन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड टूट जाएगा?

यह सवाल अभी भविष्य के गर्भ में है।

सचिन का 15,921 टेस्ट रन का रिकॉर्ड बेहद बड़ा है और उसे तोड़ने के लिए रूट को न केवल शानदार बल्लेबाजी जारी रखनी होगी, बल्कि लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय भी रहना होगा।

उम्र, फिटनेस, टीम की जरूरत और इंग्लैंड के टेस्ट कार्यक्रम जैसे कई कारक इस दौड़ को प्रभावित करेंगे।

लेकिन इतना जरूर है कि अब यह रिकॉर्ड किसी असंभव लक्ष्य जैसा नहीं दिखता।

क्रिकेट इतिहास में बन रही है नई कहानी

सचिन तेंदुलकर ने अपने दौर में क्रिकेट रिकॉर्ड्स की ऐसी ऊंचाई तय की थी, जिसे छूना मुश्किल माना जाता था। अब जो रूट धीरे-धीरे उसी रिकॉर्ड बुक में आगे बढ़ रहे हैं।

अगर रूट सचिन के टेस्ट रन और शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने में सफल होते हैं, तो यह सिर्फ इंग्लैंड क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि पूरे टेस्ट क्रिकेट इतिहास के लिए एक बड़ी घटना होगी।

एक तरफ सचिन का 24 साल लंबा ऐतिहासिक टेस्ट करियर है, तो दूसरी तरफ रूट का लगातार आगे बढ़ता हुआ रिकॉर्ड अभियान।

अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ इस टेस्ट पर नहीं, बल्कि आने वाले हर टेस्ट मैच पर होगी—क्योंकि जो रूट जब भी बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे, रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जुड़ने की संभावना बनी रहेगी।

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