चीन के रोबोट ने मचाया तहलका! तोड़ दिया उसैन बोल्ट का 100 मीटर रिकॉर्ड

Writer by Mohit Kumar 

25-8-2026 12:52 pm

बीजिंग। दुनिया के सबसे तेज धावक माने जाने वाले जमैका के महान एथलीट उसैन बोल्ट का 100 मीटर का रिकॉर्ड अब एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने पीछे छोड़ दिया है। चीन में आयोजित World Humanoid Robot Games 2026 में चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ‘Tiangong Ultra’ ने 100 मीटर की दौड़ महज 9.39 सेकंड में पूरी की। यह समय बोल्ट के 9.58 सेकंड के मानव विश्व रिकॉर्ड से 0.19 सेकंड तेज है।

17 साल से कायम था उसैन बोल्ट का रिकॉर्ड

उसैन बोल्ट ने साल 2009 में बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर की दौड़ 9.58 सेकंड में पूरी करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड करीब 17 वर्षों से कायम है और आज भी मानव एथलेटिक्स का आधिकारिक 100 मीटर विश्व रिकॉर्ड है।

अब चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ने इससे तेज समय दर्ज कर तकनीक की दुनिया में हलचल मचा दी है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रोबोट का 9.39 सेकंड का समय मानव एथलेटिक्स के आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड को नहीं बदलता। यह रोबोट प्रतियोगिता में दर्ज प्रदर्शन है।

कौन है Tiangong Ultra

रिकॉर्ड बनाने वाला Tiangong Ultra चीन के Beijing Humanoid Robot Innovation Center द्वारा विकसित ह्यूमनॉइड रोबोट है। बीजिंग में आयोजित रोबोट गेम्स की 100 मीटर दौड़ में उसने अपने प्रतिद्वंद्वी रोबोट Lightning को भी पीछे छोड़ा।

रेस की शुरुआत में Tiangong Ultra पीछे दिखाई दे रहा था, लेकिन अंतिम हिस्से में उसने तेजी पकड़ते हुए Lightning को पीछे कर दिया और 9.39 सेकंड के समय के साथ रेस जीत ली। Lightning ने 9.47 सेकंड का समय दर्ज किया, जो बोल्ट के 9.58 सेकंड के रिकॉर्ड से भी तेज था।

एक और रोबोट ने भी बनाया तहलका

इस प्रतियोगिता से पहले चीन की कंपनी Honor द्वारा विकसित Lightning रोबोट ने एक परीक्षण दौड़ में 100 मीटर की दूरी 9.32 सेकंड में पूरी की थी। उसकी अधिकतम गति करीब 14.5 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई।

इस लिहाज से परीक्षण में Lightning का समय Tiangong Ultra के आधिकारिक गेम्स में दर्ज 9.39 सेकंड से भी बेहतर रहा।

रफ्तार के साथ नियंत्रण अभी बड़ी चुनौती

रोबोट की इस उपलब्धि ने दुनिया का ध्यान जरूर खींचा, लेकिन रेस के बाद एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला। तेज गति से दौड़ने के बाद रोबोटों को रुकने में परेशानी हुई और वे सुरक्षा के लिए लगाए गए गद्देदार अवरोधों से टकराकर गिर गए।

यानी रोबोट इंसानों से तेज दौड़ने में कामयाब हो रहे हैं, लेकिन उनकी बैलेंसिंग, दिशा बदलने और सुरक्षित तरीके से रुकने की क्षमता अभी भी विकास के दौर में है।

पिछले साल से जबरदस्त सुधार

Tiangong Ultra की प्रगति इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले वर्ष इसी रोबोट ने 100 मीटर की दूरी 21.50 सेकंड में पूरी की थी। अब उसने 9.39 सेकंड का समय दर्ज किया है। यानी लगभग एक साल में उसके प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार हुआ है।

यह सुधार बताता है कि ह्यूमनॉइड रोबोट तकनीक कितनी तेजी से विकसित हो रही है। बेहतर मोटर, हल्के और मजबूत मैकेनिकल सिस्टम, सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बैलेंसिंग एल्गोरिदम ने रोबोटों की गति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बीजिंग में जुटे 2 हजार से ज्यादा रोबोट

World Humanoid Robot Games का आयोजन बीजिंग में हुआ, जिसमें 2,000 से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट शामिल हुए। प्रतियोगिता में दौड़ के अलावा फुटबॉल, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, लंबी कूद और अन्य गतिविधियों में भी रोबोटों ने हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक प्रतियोगिता में 51 तरह के इवेंट और 1,000 से अधिक मुकाबले आयोजित किए गए।

हाई जंप में भी रोबोट ने बनाया रिकॉर्ड

रोबोटों ने सिर्फ दौड़ में ही इंसानों के रिकॉर्ड को चुनौती नहीं दी। प्रतियोगिता में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 2.88 मीटर की स्टैंडिंग हाई जंप दर्ज की।

यह आंकड़ा मानव के 2.45 मीटर के हाई जंप विश्व रिकॉर्ड से अधिक है, जो क्यूबा के Javier Sotomayor के नाम है।

चीन की रोबोट तकनीक के लिए बड़ी उपलब्धि

चीन पिछले कुछ वर्षों से ह्यूमनॉइड रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से निवेश कर रहा है। विशेषज्ञों और कंपनियों की नजर सिर्फ खेलों में रिकॉर्ड बनाने पर नहीं, बल्कि इन रोबोटों को भविष्य में मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, खतरनाक काम और उपभोक्ता सेवाओं में इस्तेमाल करने पर भी है।

इसलिए Tiangong Ultra की 100 मीटर की रफ्तार महज एक खेल उपलब्धि नहीं मानी जा रही है। यह इस बात का संकेत भी है कि मशीनों को इंसानों की तरह चलाने, दौड़ाने और जटिल गतिविधियां कराने वाली तकनीक कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है।

बोल्ट की विरासत फिर भी कायम

हालांकि रोबोट ने 9.39 सेकंड का समय दर्ज कर बोल्ट के 9.58 सेकंड से बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन इसे उसैन बोल्ट का आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड टूटना नहीं कहा जा सकता। बोल्ट का 9.58 सेकंड का रिकॉर्ड मानव एथलेटिक्स में अभी भी कायम है।

फिर भी चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट का यह प्रदर्शन तकनीक के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है। कभी जहां ह्यूमनॉइड रोबोट कुछ मीटर चलने में भी असंतुलित हो जाते थे, वहीं अब वे 100 मीटर की दौड़ में दुनिया के सबसे तेज मानव धावक के रिकॉर्ड से भी आगे निकलने की क्षमता दिखा रहे हैं।

यही वजह है कि Tiangong Ultra की यह दौड़ सिर्फ 100 मीटर की रेस नहीं, बल्कि इंसान और मशीन की बदलती सीमाओं की एक झलक मानी जा रही है।

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