बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब Writer by Mohit Kumar 26-9-2026 3:47 pm (DeepDepression) को सोशल मीडिया पर ‘चक्रवात अर्नब’ के नाम से शेयर किया जा रहा है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक जानकारी में इसे ‘Deep Depression’ के रूप में दर्ज किया गया है, न कि ‘चक्रवात अर्नब’ के रूप में। IMD के अनुसार, यह सिस्टम 23 सितंबर 2026 को उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ रहा था। बंगाल की खाड़ी में बना था गहरा अवदाब मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक डिप्रेशन विकसित हुआ, जिसके बाद यह Deep Depression में तब्दील हुआ। IMD ने 23 सितंबर को बताया था कि इसके उत्तर आंध्र प्रदेश–दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की संभावना थी सोशल मीडिया पर इसी मौसम सिस्टम को तेजी से ‘चक्रवात अर्नब’ के नाम से शेयर किया गया। इसलिए खबरों में इस नाम को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आधिकारिक मौसम बुलेटिन में इसकी पहचान ‘Deep Depression’ के रूप में की गई थी। उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में असर इस सिस्टम का प्रभाव उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में देखने को मिला। IMD के 25 सितंबर के तटीय मौसम बुलेटिन में उत्तर आंध्र तट पर 25–30 नॉट की हवाएं और झोंकों के साथ 35 नॉट तक हवा चलने की संभावना बताई गई थी। समुद्र की स्थिति भी rough से very rough रहने की चेतावनी थी। कलिंगपट्टनम, भीमुनिपट्टनम, विशाखापत्तनम, गंगावरम और काकीनाडा जैसे बंदरगाहों पर स्थानीय सावधानी संकेत भी जारी किए गए थे। कई राज्यों में भारी बारिश का असर मौसम सिस्टम के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया। कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने पड़े। कई जगहों पर स्कूल बंद रखने, तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव व्यवस्था को तैयार रखने जैसे कदम उठाए गए। समुद्र से दूर रहने की सलाह तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए समुद्र के पास जाने से बचना जरूरी है। IMD के बुलेटिन में उत्तर आंध्र तट पर समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना जताई गई थी। प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना, तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों से बचना और बिजली के खंभों व पेड़ों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। ‘अर्नब’ नाम को लेकर क्या समझें? इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि ‘चक्रवात अर्नब’ नाम सोशल मीडिया पर चल रहा है, जबकि IMD के आधिकारिक बुलेटिन में संबंधित सिस्टम को Deep Depression बताया गया है। इसलिए इसे सीधे आधिकारिक रूप से नामित चक्रवात मानना सही नहीं होगा नोट: मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए बारिश, हवा और तटीय चेतावनी के लिए IMD के नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन को प्राथमिकता दें। Post Views: 4 Post navigation भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज की बड़ी परीक्षा, डैरेन सैमी बोले- 24 साल का इंतजार खत्म करना लक्ष्य वेस्टइंडीज सीरीज में प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार को मिल सकता है मौका, मोर्ने मोर्कल ने बताया पूरा प्लान