देहरादून: राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। आशारोड़ी-मियांवाला परियोजना के तहत अजबपुर से मियांवाला तक करीब 13 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे बनाया जाएगा। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए भूमि अर्जन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

Writer by Mohit Kumar 

7-9-2026 5:35 pm

इस एलिवेटेड हाईवे के निर्माण के बाद सहारनपुर और हरिद्वार की ओर से देहरादून आने-जाने वाले ट्रैफिक को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे खास तौर पर रिस्पना, जोगीवाला और मियांवाला क्षेत्र में लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

रिस्पना-जोगीवाला के जाम का होगा समाधान

देहरादून में रिस्पना से जोगीवाला और मियांवाला तक का हिस्सा लंबे समय से बड़े ट्रैफिक बॉटलनेक के रूप में जाना जाता है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। सड़क चौड़ी किए जाने के बावजूद लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।

अब एनएचएआई ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एलिवेटेड हाईवे का खाका तैयार किया है।

पुरानी सड़क के ऊपर से गुजरेगा एलिवेटेड हाईवे

प्रस्तावित एलिवेटेड हाईवे का एक हिस्सा अजबपुर तक मौजूदा सड़क के ऊपर से बनाया जाएगा। इसके बाद करीब चार किलोमीटर का हिस्सा रेलवे लाइन के समानांतर मोहकमपुर होते हुए मियांवाला तक जाएगा।

इससे सड़क पर चलने वाले स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग-अलग रास्ता मिलने की संभावना है। परियोजना पूरी होने के बाद सहारनपुर और हरिद्वार की दिशा से आने वाला ट्रैफिक शहर के घने हिस्सों को बाईपास करते हुए आगे निकल सकेगा।

करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत

एनएचएआई के अनुसार, आशारोड़ी से मियांवाला तक प्रस्तावित इस परियोजना पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है।

एनएचएआई के उत्तराखंड प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ सिंह के अनुसार, परियोजना के लिए देहरादून में भूमि अर्जन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भू-स्वामियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजा दिए जाने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।

इन इलाकों में होगा भूमि अधिग्रहण

एलिवेटेड हाईवे परियोजना के लिए देहरादून के कई क्षेत्रों में भूमि अर्जन किया जाना है। इनमें प्रमुख रूप से—

देहराखास

सेवला खुर्द

बद्रीपुर

ब्राह्मणवाला

माजरा

माजरीमाफी

मोहब्बेवाला

मोहकमपुर खुर्द

शाहनगर

कारगी ग्रांट

अजबपुर कलां

अजबपुर खुर्द

चक अजबपुर खुर्द

चकशाहनगर

तालुक देहरादून

शामिल हैं।

भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल पहले सड़क चौड़ी हुई, फिर भी जाम बरकरार

हरिद्वार हाईवे पर रिस्पना से जोगीवाला तक का हिस्सा लंबे समय से देहरादून के सबसे बड़े जाम वाले क्षेत्रों में शामिल है। करीब तीन वर्ष पहले सड़क की चौड़ाई बढ़ाई गई थी, लेकिन वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण इसका अपेक्षित लाभ लंबे समय तक नहीं मिल सका।

जगह की कमी के कारण पहले रिस्पना से जोगीवाला के बीच फ्लाईओवर बनाने की योजना भी आगे नहीं बढ़ पाई। अब एलिवेटेड हाईवे को इसका वैकल्पिक और ज्यादा व्यापक समाधान माना जा रहा है।

छिद्दरवाला फ्लाईओवर पर फिलहाल ब्रेक

वहीं, देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर छिद्दरवाला फ्लाईओवर का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों की आपत्तियों के कारण फिलहाल रोक दिया गया है। ग्रामीणों ने फ्लाईओवर की लोकेशन और अंडरपास को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

निर्माण रुकने के कारण फिलहाल हाईवे का ट्रैफिक सर्विस रोड से संचालित किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक छिद्दरवाला चौराहे की ट्रैफिक लाइटें दुरुस्त करने के बाद जल्द ही हाईवे से यातायात शुरू कराने की तैयारी है। ग्रामीणों से बातचीत और उनकी आपत्तियों के समाधान के बाद फ्लाईओवर का निर्माण दोबारा शुरू किया जाएगा।

रायवाला में भी बनेगा 550 मीटर लंबा फ्लाईओवर

रायवाला में देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर भी 550 मीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है। यहां फ्लाईओवर का निर्माण कुंभ के बाद शुरू किए जाने की योजना है।

देहरादून की ट्रैफिक समस्या के लिए बड़ा कदम

अजबपुर से मियांवाला तक प्रस्तावित 13 किलोमीटर का एलिवेटेड हाईवे देहरादून के ट्रैफिक सिस्टम के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यदि परियोजना तय योजना के अनुसार पूरी होती है तो शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल रिस्पना-जोगीवाला-मियांवाला क्षेत्र में जाम का दबाव कम होने के साथ-साथ बाहरी यातायात को भी बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

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