बेंगलुरु: भारत के डीप-टेक डिफेंस सेक्टर में एक और बड़ी तकनीकी पहल सामने आई है। बेंगलुरु स्थित Kerael Robotics ने रक्षा और औद्योगिक मिशनों के लिए ‘Black Bird’ नाम का अत्याधुनिक हाई-स्पीड इंटरसेप्टर ड्रोन कॉन्सेप्ट पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, इस ड्रोन को स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया गया है और इसका डिजाइन तेज गति, तेजी से दिशा बदलने तथा भारी पेलोड ले जाने की क्षमता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

Writer by Mohit Kumar 

22-9-2026 5:32 pm

 60,000 RPM से ज्यादा स्पीड वाले मोटर्स

Black Bird में हाई-पावर-डेंसिटी प्रोपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी के अनुसार इसके मोटर्स 60,000 RPM से अधिक की गति पर काम कर सकते हैं। टेस्टिंग के दौरान इस प्रोपल्शन सिस्टम ने करीब 150 किलोग्राम वजन उठाने की क्षमता प्रदर्शित की है।

 मिसाइल से प्रेरित एयरोडायनामिक डिजाइन

इस ड्रोन की सबसे खास बात इसका एयरोडायनामिक डिजाइन है। इसकी बॉडी को मिसाइल से प्रेरित आकार दिया गया है, जिसका उद्देश्य हाई-स्पीड उड़ान और तेजी से दिशा बदलने की क्षमता हासिल करना है। कंपनी इसे Rapid Acceleration और Manoeuvrability पर केंद्रित प्लेटफॉर्म के रूप में पेश कर रही है।

 अंदर छिपा मॉड्युलर पेलोड कम्पार्टमेंट

Black Bird में एक इंटरनल मॉड्युलर पेलोड कम्पार्टमेंट दिया गया है। कंपनी के अनुसार टारगेट एक्विजिशन सिस्टम, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) जैसे उपकरणों को ड्रोन के बाहर लटकाने के बजाय अंदर रखा जा सकता है। इससे बाहरी उपकरणों के कारण होने वाला एयरोडायनामिक ड्रैग कम रखने में मदद मिल सकती है।

 रक्षा के साथ औद्योगिक इस्तेमाल पर भी फोकस

कंपनी Black Bird को केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसके हाई-स्पीड और भारी पेलोड प्लेटफॉर्म को भविष्य में अलग-अलग औद्योगिक मिशनों के लिए भी इस्तेमाल किए जाने की संभावना बताई गई है।

 2,500 किलो तक पेलोड का भविष्य का लक्ष्य

Kerael Robotics के रोडमैप के मुताबिक, कंपनी इसी तकनीक को आगे बढ़ाकर कोएक्सियल मल्टी-रोटर कॉन्फिगरेशन और उन्नत लिफ्टिंग सिस्टम पर भी काम कर रही है। कंपनी का दावा है कि भविष्य की इन तकनीकों के जरिए 2,500 किलोग्राम तक का भारी पेलोड उठाने में सक्षम सिस्टम विकसित किए जा सकते हैं।

Black Bird का कॉन्सेप्ट ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में स्वदेशी ड्रोन, रोबोटिक्स और डीप-टेक डिफेंस तकनीक पर तेजी से काम हो रहा है। हालांकि, कंपनी द्वारा बताए गए प्रदर्शन आंकड़ों और भविष्य की क्षमताओं को उनके कंपनी दावों/रोडमैप के रूप में देखा जाना चाहिए; वास्तविक परिचालन क्षमता का आकलन विस्तृत परीक्षण और प्रमाणन के बाद ही किया जा सकेगा।

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