मेरठ में नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। उनके आगमन से पहले सिवाया और भूनी टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे

Writer by Mohit Kumar 

10 July 2026 2:35 pm

जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद मेरठ में हाल ही में हुए हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में चंद्रशेखर आजाद के समर्थक भी पहुंच गए। टोल प्लाजा पर कुछ समय तक हलचल का माहौल बना रहा। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।

प्रशासन ने पहले से ही किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, चंद्रशेखर आजाद के समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति देने की मांग की।

मेरठ में चंद्रशेखर आजाद को सिवाया टोल पर रोका, पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी

मेरठ में छात्रा हत्याकांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनका काफिला सिवाया टोल प्लाजा पर ही रोक दिया। इस दौरान टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे।

प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत सिवाया टोल प्लाजा पर बैरिकेडिंग कर दी थी। कई लेन बंद कर केवल एक लेन से वाहनों की आवाजाही कराई गई। मौके पर पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि त्वरित प्रतिक्रिया बल (QRT) सहित कई थानों की पुलिस भी तैनात की गई।

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने वहीं अपने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार से मिलना और उन्हें न्याय की लड़ाई में समर्थन देना है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना उचित नहीं है।

चंद्रशेखर आजाद ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष के साथ अन्याय हुआ है और यदि न्याय नहीं मिला तो इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।

दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है।

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