लॉर्ड्स में इतिहास रचेगा भारत-इंग्लैंड महिला टेस्ट, 142 साल बाद पहली बार होगा ऐसा मुकाबला

क्रिकेट का इतिहास कई बार ऐसे अनोखे पल लिखता है, जिनका इंतजार दशकों तक करना पड़ता है। 19वीं सदी से खेले जा रहे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब एक ऐसा ही ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। इस सप्ताह लंदन के प्रतिष्ठित Lord’s Cricket Ground में पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला जाएगा।

यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि 1884 में पहले पुरुष टेस्ट के बाद 150 से अधिक पुरुष टेस्ट मैचों की मेजबानी कर चुके लॉर्ड्स को पहली महिला टेस्ट की मेजबानी करने में पूरे 142 साल लग गए। क्रिकेट का “होम ऑफ क्रिकेट” कहलाने वाला यह मैदान अब महिला क्रिकेट के इतिहास में भी नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।

इस ऐतिहासिक मैच में भारत और इंग्लैंड की महिला टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला केवल खेल नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट में समानता और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर का एक सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। Marylebone Cricket Club (MCC), जिसकी स्थापना 1787 में हुई थी, दो सदियों से अधिक समय तक केवल पुरुष सदस्यों का क्लब रहा। लंबे समय तक महिलाओं को इसकी सदस्यता नहीं दी गई। हालांकि 1976 में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया महिला वनडे और 1993 महिला विश्व कप फाइनल जैसे कुछ मुकाबले लॉर्ड्स में खेले गए, लेकिन 1998 में दो-तिहाई बहुमत से मतदान के बाद ही महिलाओं के लिए MCC की सदस्यता का रास्ता खुला।

भारत की मौजूदगी इस ऐतिहासिक मैच को और भी खास बनाती है। 1986 के इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय महिला टीम की कप्तान Diana Edulji और उनकी टीम को लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित पवेलियन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी। उस समय एडुलजी ने MCC की कड़ी आलोचना करते हुए उसे “पुरुष प्रधान मानसिकता वाला क्लब” बताया था।

करीब 40 साल बाद अब वही भारत लॉर्ड्स में होने वाले पहले महिला टेस्ट मैच का हिस्सा बनने जा रहा है। यह मुकाबला केवल क्रिकेट का नहीं, बल्कि खेल में समान अवसर, सम्मान और बदलाव का भी प्रतीक होगा।

क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे पल आते हैं जो वर्षों के इंतजार के बाद नए अध्याय लिखते हैं। इस सप्ताह लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर ऐसा ही एक खास मौका आने वाला है, जब पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला जाएगा। कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट की अगुवाई में इंग्लैंड और हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम इस ऐतिहासिक मुकाबले का हिस्सा बनेगी।

Writer by Mohit Kumar 

10 July 2026 3:40 pm

1884 में पहला पुरुष टेस्ट आयोजित होने के बाद लॉर्ड्स पर 150 पुरुष टेस्ट खेले जा चुके हैं, लेकिन महिला टेस्ट की मेजबानी के लिए 2026 तक इंतजार करना पड़ा। इस तरह 142 साल बाद यह मैदान महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भी अपना नाम दर्ज कराने जा रहा है।

यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि महिलाओं के खेल में समानता की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। 1787 में स्थापित मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) दो सदियों से अधिक समय तक केवल पुरुषों के लिए खुला था। महिलाओं को सदस्यता 1998 में लंबी बहस और मतदान के बाद ही मिल सकी।

भारत के लिए यह मैच इसलिए भी भावनात्मक है क्योंकि 1986 के इंग्लैंड दौरे के दौरान तत्कालीन भारतीय कप्तान डायना एडुल्जी और उनकी टीम को लॉर्ड्स पवेलियन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। उस समय एडुल्जी ने MCC की कड़ी आलोचना की थी। अब लगभग 40 साल बाद भारत उसी मैदान पर पहला महिला टेस्ट खेलने उतरेगा।

भारत की मजबूत टेस्ट विरासत

भारतीय महिला टीम ने हाल के वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। 2023 और 2024 में भारत ने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को बड़े अंतर से हराया था। वहीं, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर भी टीम ने ड्रॉ हासिल किए थे। इस साल पर्थ में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार 2006 के बाद भारत की पहली टेस्ट हार थी।

इंग्लैंड के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड भी शानदार है। भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड से अब तक केवल एक टेस्ट मैच गंवाया है, जो 1995 में हुआ था।

खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें

भारतीय बल्लेबाजी क्रम में अनुभव और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण है। स्पिन विभाग में स्नेह राणा और श्री चारणी जैसे विकल्प मौजूद हैं, जबकि तेज गेंदबाजी में रेणुका सिंह ठाकुर, सयाली साठघरे और क्रांति गौड़ की भूमिका बेहद अहम होगी। लॉर्ड्स की प्रसिद्ध ढलान (Slope) का सही इस्तेमाल भारतीय गेंदबाजों की सफलता तय कर सकता है।

दूसरी ओर, इंग्लैंड की कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट पहली बार टेस्ट टीम की कप्तानी करेंगी। मेजबान टीम ने कई नए खिलाड़ियों को मौका दिया है, जबकि लॉरेन फाइलर की तेज गेंदबाजी इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। अनुभवी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट के लिए यह उनके 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी टेस्ट भी होगा।

रिकॉर्ड भी दांव पर

यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले साल मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में महिला एशेज टेस्ट देखने 35,365 दर्शक पहुंचे थे, जो एक रिकॉर्ड था। अब उम्मीद है कि लॉर्ड्स में भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे और महिला टेस्ट क्रिकेट को नई पहचान मिलेगी।

भारत और इंग्लैंड के बीच यह ऐतिहासिक मुकाबला केवल जीत-हार का नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के गौरव, समानता और नए इतिहास का प्रतीक बनने जा रहा है।

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