रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। हिंदू धर्म में राखी बांधने के समय को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से पर्व की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता बढ़ती है। Writer by Mohit Kumar 27-8-2026 5:56 pm राखी बांधने का सबसे शुभ समय बताए गए मुहूर्त के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना गया है। सुबह का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक यह समय विशेष रूप से शुभ माना गया है। इस दौरान पूर्णिमा तिथि का प्रभाव रहने और भद्रा से बचने के कारण राखी बांधने की रस्म की जा सकती है। अगर संभव हो तो बहनें इसी अवधि में पूजा और राखी बांधने की तैयारी पूरी कर सकती हैं। दोपहर का शुभ समय अगर किसी कारण से सुबह 9:48 बजे तक राखी नहीं बांध पाएं, तो दोपहर में भी शुभ समय उपलब्ध है। दोपहर 1:40 बजे के बाद से शाम 4:15 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, इस दौरान राहुकाल समाप्त होने के बाद ही पूजा और राखी बांधने की रस्म करना बेहतर माना गया है। शाम का शुभ मुहूर्त शाम के समय भी राखी बांधने का शुभ अवसर रहेगा। शाम 6:44 बजे से रात 9:02 बजे तक राखी बांधी जा सकती है। जो परिवार सुबह या दोपहर में राखी नहीं बांध पाते, उनके लिए यह समय विशेष रूप से सुविधाजनक हो सकता है। राहुकाल में न बांधें राखी रक्षाबंधन के दिन सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक राहुकाल बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है। इसलिए यदि संभव हो तो इस समय राखी बांधने या मुख्य पूजा की रस्म करने से बचें। राखी बांधने की पारंपरिक विधि राखी बांधते समय सबसे पहले भाई को स्वच्छ स्थान पर बैठाएं। इसके बाद बहन भाई के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाए, अक्षत लगाए और आरती करे। इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है। राखी बांधने के बाद भाई-बहन एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हैं। भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके सुख, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेता है। भद्रा का भी रखें ध्यान रक्षाबंधन पर भद्रा काल का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए केवल घड़ी देखकर समय तय करने के बजाय उस दिन की स्थानीय पंचांग गणना को भी ध्यान में रखना उचित है। एक नजर में राखी बांधने के शुभ समय समय मुहूर्त सुबह 5:57 AM – 9:48 AM दोपहर 1:40 PM – 4:15 PM शाम 6:44 PM – 9:02 PM राहुकाल 10:40 AM – 12:22 PM अगर सुबह का मुहूर्त छूट जाए तो क्या करें अगर किसी वजह से सुबह 9:48 बजे तक राखी नहीं बांध पाएं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। दोपहर 1:40 बजे के बाद या फिर शाम 6:44 बजे से रात 9:02 बजे तक राखी बांधने का विकल्प रखा जा सकता है। हालांकि, पंचांग के मुहूर्त शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त और स्थानीय गणना के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। इसलिए अपने शहर के अनुसार अंतिम मुहूर्त की पुष्टि करना सबसे बेहतर रहेगा। राखी का असली महत्व रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और मिठाई खिलाने का त्योहार नहीं है। यह भाई-बहन के बीच प्यार, भरोसे, सम्मान और भावनात्मक रिश्ते को मजबूत करने का अवसर है। शुभ मुहूर्त धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, लेकिन इस पर्व की सबसे बड़ी खूबसूरती परिवार का साथ और भाई-बहन का एक-दूसरे के प्रति स्नेह है। नोट: ऊपर दिए गए समय आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर हैं। अलग-अलग शहरों में पंचांग की गणना बदल सकती है, इसलिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा। Post Views: 4 Post navigation Babar Azam की वापसी से पाकिस्तान को मिली नई उम्मीद, Lord’s Test में इंग्लैंड को चुनौती देने उतरेगा पाकिस्तान नेपाल की भीषण बाढ़ में बहकर भारत पहुंचे 5 हाथी, बच्चों को घेरे रहे बड़े हाथी; गिरिजापुरी बैराज पर हुआ रेस्क्यू