इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक टेस्ट के तीसरे दिन पाकिस्तान के 21 वर्षीय डेब्यूटेंट रज़ा उल्लाह ने ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की, जिसने मुकाबले का पूरा रुख बदल दिया। नंबर-9 पर बल्लेबाजी करने उतरे इस युवा तेज गेंदबाज ने महज 63 गेंदों में 81 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 4 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। उनकी इस तूफानी पारी ने पाकिस्तान को पारी की हार से बचाते हुए इंग्लैंड के सामने चौथे दिन जीत के लिए 130 रन का लक्ष्य रखने में मदद की। Writer by Mohit Kumar 12-9-2026 10:42 am मुश्किल वक्त में मैदान पर आए और बदल दिया मैच पाकिस्तान की दूसरी पारी में एक समय टीम 318 रन पर 8 विकेट गंवा चुकी थी और इंग्लैंड के खिलाफ पारी की हार का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे समय में रज़ा उल्लाह क्रीज पर पहुंचे। पाकिस्तान को पहली पारी में 320 रन की बड़ी बढ़त गंवानी पड़ी थी, इसलिए टीम को एक बड़ी साझेदारी की सख्त जरूरत थी। रज़ा उल्लाह ने मोहम्मद अब्बास के साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर पलटवार शुरू कर दिया। दोनों ने नौवें विकेट के लिए 121 रनों की शानदार साझेदारी की। अब्बास ने 42 रन बनाए, जबकि रज़ा उल्लाह ने आक्रामक अंदाज में 81 रन ठोक दिए। 43 गेंदों में फिफ्टी, पाकिस्तान के लिए नया रिकॉर्ड रज़ा उल्लाह की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनकी रफ्तार रही। उन्होंने सिर्फ 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो टेस्ट डेब्यू पर किसी पाकिस्तानी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे तेज अर्धशतक है। उन्होंने अपना पचासा छक्के के साथ पूरा किया और इसके तुरंत बाद अगली गेंद पर भी गेंद को बाउंड्री के बाहर पहुंचा दिया इस पारी ने यह भी दिखाया कि रज़ा उल्लाह केवल गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि निचले क्रम में बेहद खतरनाक बल्लेबाज भी साबित हो सकते हैं। जोफ्रा आर्चर को भी नहीं छोड़ा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर के खिलाफ रज़ा उल्लाह ने खास तौर पर आक्रामक रुख अपनाया। अपने अर्धशतक के लिए उन्होंने आर्चर की गेंद पर छक्का लगाया और फिर अगली ही गेंद पर दोबारा छक्का जड़ दिया। इससे पहले भी वह इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों पर लगातार हमला कर रहे थे। आर्चर जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज के खिलाफ इस तरह का निडर रवैया उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है। एटकिंसन के एक ओवर में तीन छक्के रज़ा उल्लाह ने केवल आर्चर को ही निशाना नहीं बनाया। गस एटकिंसन के खिलाफ भी उन्होंने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की और एक ही ओवर में चार गेंदों के भीतर तीन छक्के जड़ दिए। इस हमले के बाद एजबेस्टन में मौजूद दर्शकों को भी एक अलग तरह का क्रिकेट देखने को मिला। पाकिस्तान की पारी जहां एक समय लड़खड़ा रही थी, वहीं निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अचानक इंग्लैंड के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। टेस्ट डेब्यू पर 9 छक्के, रिकॉर्ड की बराबरी रज़ा उल्लाह ने अपनी 81 रनों की पारी में 9 छक्के लगाए। यह टेस्ट डेब्यू पर किसी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सर्वाधिक छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी है। उन्होंने इस मामले में टिम साउदी के रिकॉर्ड की बराबरी की। यानी एक ही पारी में रज़ा उल्लाह ने तेज अर्धशतक, 9 छक्कों और 81 रनों के साथ अपने टेस्ट करियर की ऐसी शुरुआत की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, गेंदबाजी में भी दिखाया कमाल दिलचस्प बात यह है कि रज़ा उल्लाह का यह प्रदर्शन केवल बल्ले तक सीमित नहीं रहा। टेस्ट डेब्यू में उन्होंने गेंद से भी शानदार प्रदर्शन किया। पहली पारी में उन्होंने 4 विकेट लिए और इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को अपने पहले टेस्ट विकेट के रूप में आउट किया। उन्होंने पहली पारी में 23 ओवर में 148 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस तरह एक ही टेस्ट में रज़ा उल्लाह ने गेंद और बल्ले दोनों से अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान को मिली बड़ी राहत रज़ा उल्लाह और अब्बास की साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 130 रनों का लक्ष्य रखा। मुकाबला चौथे दिन तक पहुंच गया, जबकि एक समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड तीसरे ही दिन पाकिस्तान को हराकर सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर देगा। हालांकि इंग्लैंड सीरीज में पहले ही 2-0 से आगे था, लेकिन पाकिस्तान के लिए रज़ा उल्लाह की पारी इस दौरे की सबसे बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आई। रज़ा उल्लाह के नाम यादगार डेब्यू रज़ा उल्लाह का एजबेस्टन टेस्ट डेब्यू कई मायनों में खास रहा— बल्लेबाजी: 81 रन गेंदें: 63 चौके: 4 छक्के: 9 अर्धशतक: 43 गेंदों में नौवें विकेट की साझेदारी: 121 रन पहली पारी में विकेट: 4 पहला टेस्ट विकेट: जो रूट इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी का लक्ष्य: 130 रन कुल मिलाकर रज़ा उल्लाह ने एजबेस्टन में अपने टेस्ट करियर का ऐसा पहला अध्याय लिखा है, जिसमें गति, आक्रामकता, साहस और ऑलराउंड क्षमता चारों दिखाई दीं। 21 साल की उम्र में विश्व स्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ इस तरह की बल्लेबाजी ने पाकिस्तान क्रिकेट को एक नया रोमांचक चेहरा दिया है। एजबेस्टन में पाकिस्तान भले ही सीरीज बचाने की चुनौती में हो, लेकिन रज़ा उल्लाह ने अपनी 81 रनों की तूफानी पारी से यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को एक ऐसा युवा खिलाड़ी मिल सकता है जो आने वाले वर्षों में गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए बड़ा योगदान दे। Post Views: 3 Post navigation केदारनाथ पैदल मार्ग पर फिर मंडराया खतरा, चीरबासा में पत्थर गिरने के बाद यात्रा सुचारू विराट कोहली से मिलने के लिए हर किसी को नहीं मिलता मौका, लंदन में एकनाथ शिंदे की खास मुलाकात ने खींचा ध्यान