नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होने जा रही है। पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है Writer by Mohit Kumar 26-9-2026 5:22 pm भारतीय गेंदबाजी कोच Morne Morkel ने संकेत दिया है कि प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार जैसे गेंदबाजों को वेस्टइंडीज के खिलाफ पर्याप्त मैच समय दिया जा सकता है। उनका मानना है कि विश्व कप से पहले गेंदबाजों को अलग-अलग परिस्थितियों और भूमिकाओं में आजमाना जरूरी है। अलग-अलग भूमिकाओं में परखे जाएंगे गेंदबाज मोर्कल के मुताबिक टीम पिछले एक साल से खिलाड़ियों को अलग-अलग भूमिकाओं में मौका देकर यह समझने की कोशिश कर रही है कि दबाव और मुश्किल परिस्थितियों में वे किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भी यही रणनीति जारी रहने की उम्मीद है। उनका जोर केवल खिलाड़ियों को टीम में जगह देने पर नहीं, बल्कि उन्हें मैच की कठिन परिस्थितियों में गेंदबाजी का अनुभव देने पर है। मोर्कल चाहते हैं कि गेंदबाज दबाव के समय गेंद अपने हाथ में लेने और मैच का रुख बदलने की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहें। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार पर नजर भारत के वनडे दल में प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार दोनों शामिल हैं। बीसीसीआई की घोषित टीम में इनके साथ मोहम्मद सिराज, औकिब नबी और कुलदीप यादव भी गेंदबाजी विकल्पों में हैं। गुरनूर बरार ने हाल में भारत ए के लिए श्रीलंका ए और एसएलसी इलेवन के खिलाफ दो चार दिवसीय मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने इन मैचों में 13 विकेट हासिल किए। श्रीलंका में खेले गए इन मुकाबलों में उन्होंने 54.3 ओवर गेंदबाजी की, जिससे उन्हें लंबे स्पेल और कठिन परिस्थितियों में गेंदबाजी का अच्छा अनुभव मिला। गुरनूर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी शुरुआती प्रभाव छोड़ा है। उन्होंने अब तक छह वनडे मैचों में 11 विकेट लिए हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज सीरीज उनके लिए अपनी जगह मजबूत करने का एक और अवसर हो सकती है। विश्व कप की तैयारी अभी से शुरू मोर्कल का संदेश साफ है कि भारत विश्व कप की तैयारी आखिरी समय में शुरू नहीं करना चाहता। 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है और भारत अपनी गेंदबाजी इकाई के लिए पर्याप्त विकल्प तैयार करना चाहता है। मोर्कल के अनुसार, खिलाड़ियों को विश्व कप से कुछ सप्ताह पहले अचानक दबाव में डालने के बजाय अभी से कठिन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दिया जाना जरूरी है। इसीलिए वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मुकाबलों को टीम के लिए प्रयोग और तैयारी दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चोट से लौटने वाले खिलाड़ियों पर भी नजर भारतीय टीम प्रबंधन चोट से वापसी कर रहे खिलाड़ियों को लेकर भी योजना बना रहा है। मोर्कल ने बताया कि बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर हर्षित राणा समेत चोटिल खिलाड़ियों की वापसी के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि खिलाड़ियों को जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के बजाय उनकी फिटनेस और मैच के लिए तैयार होने की स्थिति को लगातार मॉनिटर किया जाए। सीनियर बल्लेबाजों को भी मिल सकता है आराम इसी बीच मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी लंबे क्रिकेट कार्यक्रम को देखते हुए खिलाड़ियों के कार्यभार को लेकर संकेत दिए हैं। आने वाले लंबे दौरे में अलग-अलग प्रारूपों के बीच तेजी से बदलाव होना है। ऐसे में कुछ प्रमुख बल्लेबाजों को सफेद गेंद के क्रिकेट से आराम देकर टेस्ट क्रिकेट की तैयारी का मौका दिए जाने की संभावना पर चर्चा है। यह चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वनडे और टेस्ट के बीच केवल कुछ दिनों का अंतर खिलाड़ियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से कठिन हो सकता है। टीम प्रबंधन का फोकस खिलाड़ियों को पूरे लंबे कार्यक्रम में फिट और प्रभावी बनाए रखने पर रहेगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज का कार्यक्रम भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन वनडे मुकाबले खेले जाएंगे: पहला वनडे: 27 सितंबर — तिरुवनंतपुरम दूसरा वनडे: 30 सितंबर — गुवाहाटी तीसरा वनडे: 3 अक्टूबर — न्यू चंडीगढ़ इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच टी20 मुकाबले भी खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज भारत के लिए केवल तीन मैचों की द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं है। टीम मैनेजमेंट इस दौरान गेंदबाजी विकल्पों को परखने, खिलाड़ियों को अलग-अलग भूमिकाओं में अनुभव देने और 2027 विश्व कप के लिए मजबूत विकल्प तैयार करने पर ध्यान दे रहा है। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार को मिलने वाला मैच समय इसी तैयारी का अहम हिस्सा हो सकता है। Post Views: 4 Post navigation चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर बड़ी खबर: बंगाल की खाड़ी से उठे सिस्टम का कई राज्यों पर असर, भारी बारिश का अलर्ट छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बाढ़, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 525 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए