ICC New Playing Conditions: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने खेल को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए प्लेइंग कंडीशंस में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय सीरीज से लागू होंगे। इनमें बल्लेबाजों द्वारा समय बर्बाद करने, गेंद के मानकों, ओवरथ्रो और फील्डिंग से जुड़े नियमों में बदलाव शामिल हैं।

Writer by Mohit Kumar 

1-10-2026 22:40 pm

हालांकि, भारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रही वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला 3 अक्टूबर को खेला जाएगा, लेकिन इस सीरीज पर नए नियम लागू नहीं होंगे, क्योंकि सीरीज 27 सितंबर से शुरू हो चुकी है।

दिन के टेस्ट में गुलाबी गेंद का ट्रायल

आईसीसी ने दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल को ट्रायल के तौर पर मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य खराब रोशनी के कारण खेल में होने वाले व्यवधान को कम करना है।

नए प्रावधान के अनुसार दोनों टीमें टेस्ट मैच शुरू होने से पहले गुलाबी गेंद के इस्तेमाल पर सहमत हो सकती हैं। एक बार फैसला हो जाने के बाद मैच के दौरान इसे बदला नहीं जा सकेगा। मैच शुरू होने के बाद लाल गेंद को गुलाबी गेंद से बदलने की अनुमति भी नहीं होगी।

आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर मैच तुरंत खत्म नहीं होगा

प्लेइंग कंडीशंस में एक अहम बदलाव आखिरी ओवर से जुड़ा है। अब दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर मैच स्वतः समाप्त नहीं होगा। बचे हुए गेंदों को अगले दिन पूरा किया जा सकेगा। इस बदलाव का उद्देश्य खेल के समय को अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना है।

समय बर्बाद करने वाले बल्लेबाजों पर सख्ती

नए नियमों में बल्लेबाजों द्वारा जानबूझकर समय बर्बाद करने पर भी सख्ती की गई है। ऐसे बल्लेबाज को पहले दो बार चेतावनी दी जाएगी। यदि इसके बाद भी वह तीसरी बार समय बर्बाद करता है, तो फील्डिंग करने वाली टीम को 5 रन की पेनल्टी दी जाएगी।

इस बदलाव का उद्देश्य मैच की गति बनाए रखना और अनावश्यक देरी को कम करना है।

महिला क्रिकेट के लिए गेंद के माप में बदलाव

महिला क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंद को लेकर भी नया प्रावधान लागू किया गया है। अब महिला क्रिकेट के लिए इस्तेमाल होने वाली नई गेंद का वजन:

142 ग्राम से कम नहीं

149 ग्राम से अधिक नहीं

होगा।

वहीं गेंद की परिधि 21.5 सेंटीमीटर से कम और 22 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे महिला क्रिकेट के लिए गेंद के आकार और वजन को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है।

ओवरथ्रो के नियम में भी बदलाव

ओवरथ्रो को लेकर भी नियम को अधिक स्पष्ट किया गया है। अब किसी फील्डर द्वारा गेंद को विकेट पर निशाना बनाकर फेंकने के प्रयास में हुई चूक को ओवरथ्रो माना जाएगा।

लेकिन यदि फील्डर गेंद को रोकने या किसी दूसरे फील्डर तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था और उस दौरान गेंद आगे निकल गई, तो उसे ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा।

रन आउट और स्टंपिंग में फील्डर के नियंत्रण पर जोर

रन आउट या स्टंपिंग के दौरान गेंद पकड़ने वाले फील्डर के लिए गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा। केवल गेंद को हाथ से छू लेना, जिसके बाद गेंद स्टंप से टकरा जाए, पर्याप्त नहीं माना जाएगा।

इस बदलाव से रन आउट और स्टंपिंग के दौरान फील्डर के गेंद पर नियंत्रण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

सौरव गांगुली ने बताया बदलाव का उद्देश्य

आईसीसी पुरुष क्रिकेट समिति के अध्यक्ष और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि खेल की परिस्थितियों को मौजूदा समय के अनुरूप बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उनके अनुसार नए प्रावधानों में गेंद से संबंधित नियमों, फील्डिंग के कुछ पहलुओं की स्पष्टता और खेल की गति में सुधार पर ध्यान दिया गया है।

क्या बदलेगा

कुल मिलाकर नए प्लेइंग कंडीशंस का फोकस मैच की गति बनाए रखने, समय की बर्बादी कम करने, गेंद के मानकों को स्पष्ट करने और फील्डिंग से जुड़े नियमों में अस्पष्टता दूर करने पर है। ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली नई अंतरराष्ट्रीय सीरीज से प्रभावी होंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *