लॉर्ड्स में इंग्लैंड का जलवा, भारत को 27 रन से हराकर 2-1 से वनडे सीरीज़ पर किया कब्ज़ा Writer by Mohit Kumar 20 -7- 2026 pm लंदन: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज़ का तीसरा और निर्णायक मुकाबला क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में खेला गया। दोनों टीमें पहले दो मुकाबलों के बाद 1-1 की बराबरी पर थीं, इसलिए तीसरा मैच सीरीज़ का फाइनल बन गया था। क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद थी और दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन भी किया, लेकिन अंत में इंग्लैंड ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी, सटीक रणनीति और दबाव के क्षणों में शानदार गेंदबाज़ी के दम पर भारत को 27 रन से हराकर सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली। यह मुकाबला बल्लेबाज़ों के शानदार प्रदर्शन, कई रिकॉर्ड, उतार-चढ़ाव और रोमांच से भरपूर रहा। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अंत तक संघर्ष किया, लेकिन इंग्लैंड ने आखिरी ओवरों में मैच पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। डकेट ने खेली यादगार पारी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। सलामी बल्लेबाज़ बेन डकेट ने भारतीय गेंदबाज़ों पर पूरी तरह दबाव बनाए रखा और मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। उन्होंने केवल 128 गेंदों में 141 रन बनाए, जिसमें कई चौके और छक्के शामिल रहे। उनकी पारी ने भारत के गेंदबाज़ों की लय पूरी तरह बिगाड़ दी। दूसरे छोर पर युवा बल्लेबाज़ जैकब बेथेल ने भी बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए 91 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाज़ों ने पहले विकेट के लिए बड़ी साझेदारी कर भारत को शुरुआती सफलता से वंचित रखा। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को विशाल स्कोर की मजबूत नींव दी। इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज़ जो रूट ने अपनी क्लास दिखाई और 74 रन बनाकर नाबाद लौटे। अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज़ जोस बटलर ने केवल 13 गेंदों में 41 रन की तूफानी पारी खेलकर भारतीय गेंदबाज़ों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। बटलर की इस तेज़ पारी की बदौलत इंग्लैंड ने आखिरी पांच ओवरों में 80 से अधिक रन जोड़ दिए और निर्धारित 50 ओवर में 387/3 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। भारतीय गेंदबाज़ रहे बेअसर भारत के तेज़ और स्पिन गेंदबाज़ पूरे मैच में लय हासिल नहीं कर सके। नई गेंद से विकेट नहीं मिले और बीच के ओवरों में भी इंग्लैंड के बल्लेबाज़ आसानी से रन बनाते रहे। डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज़ों ने कई खराब गेंदें डालीं, जिसका पूरा फायदा बटलर और रूट ने उठाया। यही अतिरिक्त रन बाद में मैच का सबसे बड़ा अंतर साबित हुए। रोहित शर्मा का शतक 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही सकारात्मक बल्लेबाज़ी की। कप्तान रोहित शर्मा ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन शतक लगाया। उन्होंने 110 गेंदों में 138 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। रोहित ने इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ शानदार स्ट्रोक लगाए और भारतीय पारी को मजबूती दी। कप्तान शुभमन गिल ने भी शानदार 77 रन बनाकर रोहित का भरपूर साथ निभाया। दोनों बल्लेबाज़ों की साझेदारी ने भारत को मुकाबले में बनाए रखा और ऐसा लगने लगा कि टीम इंडिया इस विशाल लक्ष्य को हासिल कर सकती है। इसके बाद विराट कोहली ने भी अपने अनुभव का परिचय देते हुए 74 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में संयम के साथ बल्लेबाज़ी की और रनगति को बनाए रखा। एक समय भारत को अंतिम 10 ओवरों में जीत के लिए आसान समीकरण की जरूरत थी और मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था। मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट जब भारत जीत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी इंग्लैंड ने शानदार वापसी की। जैकब बेथेल ने रोहित शर्मा का महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। इसके बाद अनुभवी ऑलराउंडर सैम करन ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हुए विराट कोहली और अन्य महत्वपूर्ण बल्लेबाज़ों को आउट किया। भारतीय टीम के निचले क्रम के बल्लेबाज़ अपेक्षित गति से रन नहीं बना सके। आखिरी पांच ओवरों में लगातार डॉट गेंदें और विकेट गिरने से रनगति बढ़ती चली गई। दबाव बढ़ने के कारण भारतीय बल्लेबाज़ बड़े शॉट लगाने के प्रयास में सफल नहीं हो सके और टीम निर्धारित 50 ओवर में 360/7 तक ही पहुँच सकी। इंग्लैंड की जीत की सबसे बड़ी वजह इंग्लैंड की जीत का सबसे बड़ा कारण उसकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और डेथ ओवरों में शानदार प्रदर्शन रहा। बेन डकेट की शतकीय पारी ने टीम को मजबूत आधार दिया, जबकि जो रूट और जोस बटलर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जोड़कर भारत के सामने विशाल लक्ष्य रखा। गेंदबाज़ी में सैम करन और जैकब बेथेल ने दबाव के समय विकेट लेकर भारत की उम्मीदों को तोड़ दिया। भारत की हार के कारण भारत की बल्लेबाज़ी शानदार रही, लेकिन गेंदबाज़ी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट नहीं मिलना, डेथ ओवरों में अतिरिक्त रन लुटाना और महत्वपूर्ण मौकों पर कैच तथा गेंदबाज़ी में चूक भारत को भारी पड़ गई। यदि अंतिम पांच ओवरों में इंग्लैंड को कम रन बनाने दिए जाते, तो मुकाबले का परिणाम अलग हो सकता था। सीरीज़ जीत इंग्लैंड इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में टीम ने शानदार क्रिकेट खेली और घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया। दूसरी ओर भारतीय टीम ने बल्लेबाज़ी में दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाज़ी में सुधार की जरूरत साफ दिखाई दी। अब भारतीय टीम की नजर आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और बड़े टूर्नामेंटों पर होगी, जहां उसे अपनी गेंदबाज़ी, डेथ ओवरों की रणनीति और फील्डिंग में सुधार करना होगा। वहीं इंग्लैंड इस जीत से आत्मविश्वास से भरकर आगे की श्रृंखलाओं में उतरेगा। लॉर्ड्स में खेला गया यह मुकाबला लंबे समय तक अपनी रोमांचक बल्लेबाज़ी, शानदार शतकों और आखिरी ओवरों के संघर्ष के लिए याद रखा जाएगा। Post Views: 3 Post navigation 105 मिनट तक अडिग रहा अर्जेंटीना, फिर फेरन 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