उर्स के बीच सोलानी पुल के गहरे गड्ढों पर कांग्रेस का हल्लाबोल, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन Writer by Mohit Kumar 25-8-2026 2:50 pm पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स के बीच पिरान कलियर आने वाले प्रमुख मार्गों की बदहाली को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। रुड़की से पिरान कलियर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित सोलानी नदी पुल की जर्जर हालत और सड़क पर बने गहरे गड्ढों को लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद, कां bhiग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी और रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोलानी पुल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पुल की तत्काल मरम्मत कराने की मांग उठाई। हजारों जायरीनों की आवाजाही, फिर भी नहीं सुधरी सड़क दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स के चलते पिरान कलियर में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं। रुड़की रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से कलियर जाने वाले अधिकांश यात्रियों और वाहनों की आवाजाही इसी मुख्य मार्ग से होती है। ऐसे में सोलानी पुल पर बने गहरे गड्ढे यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन से पहले प्रशासन को प्रमुख मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बावजूद पुल की खराब हालत को नजरअंदाज किया गया। पुल पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात में बढ़ जाता है हादसे का खतरा प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पुल पर बने गहरे गड्ढे दिन के समय तो दिखाई दे जाते हैं, लेकिन रात में इनसे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। तेज यातायात के बीच अचानक गड्ढों से बचने का प्रयास करने पर दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ अन्य वाहनों के भी दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। उर्स की मुख्य रस्मों के दौरान पिरान कलियर में जायरीनों की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़क की खराब हालत श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। विधायक फुरकान अहमद ने सरकार पर साधा निशाना कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद ने कहा कि पिरान कलियर में सालाना उर्स के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन से पहले सरकार और प्रशासन को सड़क, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सोलानी पुल की मौजूदा स्थिति सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है। मुख्य मार्ग पर गहरे गड्ढे होने के बावजूद समय रहते उनकी मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे जायरीनों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि सोलानी पुल के गड्ढों को जल्द से जल्द भरकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उर्स के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। ऐसे में प्रशासन को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल सड़क की मरम्मत करानी चाहिए। प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती सोलानी पुल की बदहाली ने उर्स के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में जायरीनों की संख्या बढ़ने के साथ इस मार्ग पर वाहनों का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में पुल की स्थिति को जल्द सुधारना जरूरी माना जा रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस के प्रदर्शन और लगातार उठ रही मांगों के बाद प्रशासन सोलानी पुल की मरम्मत को लेकर कितनी तेजी से कदम उठाता है। उर्स में आने वाले हजारों जायरीनों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए सड़क की स्थिति में सुधार करना फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। Post Views: 11 Post navigation ध्रुव जुरेल: टीम इंडिया के लिए ‘लक्जरी’ नहीं, अब टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं चीन का BiliBili हुआ ग्लोबल, YouTube को मिलेगी कड़ी टक्कर? जानिए इस वीडियो प्लेटफॉर्म की पूरी कहानी