अपने नाम की SIM किसी और को दी तो फंस सकते हैं कानूनी पचड़े में! DoT की बड़ी चेतावनी, हो सकती है जेल और भारी जुर्माना

Writer by Mohit Kumar 

23-9-2026 3:6 pm

मोबाइल फोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन मोबाइल SIM को लेकर की गई एक छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल यूजर्स को सलाह दी है कि अपने नाम पर जारी SIM कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।

DoT पहले भी इस तरह के मामलों में चेतावनी दे चुका है कि किसी व्यक्ति के नाम पर लिया गया SIM अगर दूसरे व्यक्ति द्वारा साइबर फ्रॉड या अन्य गैरकानूनी गतिविधि में इस्तेमाल किया जाता है, तो मूल ग्राहक भी जांच के दायरे में आ सकता है।

 अपने नाम की SIM किसी को न दें

विभाग के मुताबिक लोगों को अपनी SIM किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने, किराए पर देने, ट्रांसफर करने या इस्तेमाल के लिए सौंपने से बचना चाहिए। खास तौर पर ऐसी SIM से बचना जरूरी है जिसका इस्तेमाल किसी संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि में हो सकता है।

DoT ने फर्जी दस्तावेजों, किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM लेने और ‘म्यूल SIM’ जैसी व्यवस्थाओं से भी सावधान रहने को कहा है।

 IMEI और टेलीकॉम पहचान से छेड़छाड़ भी गंभीर मामला

सिर्फ SIM से जुड़ी धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि मोबाइल और दूरसंचार की पहचान से छेड़छाड़ भी कानून के दायरे में आती है। DoT के अनुसार Calling Line Identity (CLI), IMEI और अन्य टेलीकॉम पहचानकर्ताओं के साथ छेड़छाड़ या धोखाधड़ी से SIM हासिल करना कानून के तहत अपराध हो सकता है।

DoT ने 2026 में IMEI से छेड़छाड़ को लेकर भी अलग से चेतावनी जारी की है।

अपने नाम पर कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं, ऐसे करें चेक

मोबाइल यूजर्स को समय-समय पर संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल या ऐप पर अपने नाम से जुड़े मोबाइल कनेक्शनों की जांच करनी चाहिए।

अगर सूची में ऐसा मोबाइल नंबर दिखाई देता है जिसे आपने जारी नहीं कराया है या जिसका इस्तेमाल आप नहीं करते हैं, तो उसके खिलाफ कार्रवाई/डिस्कनेक्शन का अनुरोध किया जा सकता है।

संचार साथी का इस्तेमाल संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों और मोबाइल डिवाइस से संबंधित जानकारी की जांच के लिए भी किया जा सकता है। सरकार के अनुसार इस प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों पर कार्रवाई भी की जाती रही है।

 फर्जी SIM का मामला क्यों गंभीर है?

DoT के अनुसार कुछ मामलों में फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी या किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके SIM हासिल किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे मामलों में Point of Sale (POS) एजेंट की भूमिका की भी जांच हो सकती है।

विभाग ने एक मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि जांच के दौरान एक POS एजेंट द्वारा लोगों की जानकारी और सहमति के बिना उनके दस्तावेजों के आधार पर कई मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट किए जाने की बात सामने आई। ऐसे नंबरों का दोबारा सत्यापन कराया गया और सत्यापन नहीं होने पर कनेक्शन बंद किए गए।

 सजा और जुर्माने का प्रावधान

आपके दिए गए DoT सलाह-संबंधी विवरण के अनुसार, Telecommunications Act, 2023 के तहत ऐसे अपराधों में मामले की प्रकृति के अनुसार 3 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। टेलीकॉम पहचान में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी/प्रतिरूपण से SIM हासिल करने पर कानून में विशेष प्रावधान हैं।

 मोबाइल यूजर्स इन बातों का रखें ध्यान

अपने नाम की SIM किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।

अनजान व्यक्ति के दस्तावेजों पर SIM जारी न करवाएं।

फर्जी KYC या दूसरे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल न करें।

मोबाइल के IMEI से छेड़छाड़ न करें।

समय-समय पर संचार साथी पर अपने नाम से जुड़े मोबाइल नंबर चेक करें।

कोई अनजान नंबर दिखाई दे तो तुरंत उसके खिलाफ रिपोर्ट/डिस्कनेक्शन का अनुरोध करें।

यानी आपकी SIM सिर्फ एक मोबाइल नंबर नहीं है, बल्कि आपकी पहचान से जुड़ा टेलीकॉम संसाधन है। इसलिए इसे किसी दूसरे व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए देना भविष्य में कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।

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