देहरादून।

देहरादून में पुल धंसने से बढ़ी मुश्किलें, कनेक्टिंग सड़क में बना विशाल गड्ढा

Writer by Mohit 

29 july 2026 4:55 pm

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का एक बड़ा हिस्सा तेज बारिश के दौरान धंस जाने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए हैं। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पुल के नीचे की मिट्टी और सुरक्षा संरचना कमजोर पड़ गई, जिससे पुल का एक हिस्सा अचानक धंस गया। गनीमत रही कि हादसे के समय पुल पर अधिक यातायात नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी

लोक निर्माण विभाग (PWD) और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के साथ-साथ पुल की मजबूती का भी परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द पुल को सुरक्षित बनाकर यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

मरम्मत के दौरान भारी मशीनों और निर्माण सामग्री की मदद से धंसे हुए हिस्से को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही पुल के नीचे जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल के इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होने पर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ किया गया होता, तो पहली बड़ी बारिश में पुल का हिस्सा नहीं धंसता।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुल निर्माण के दौरान जल निकासी, मिट्टी की मजबूती और भू-तकनीकी परीक्षण जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए था। अब मामले की तकनीकी जांच भी कराई जा सकती है।

यातायात पर असर

पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद एहतियातन यातायात को आंशिक रूप से डायवर्ट किया गया है। इससे आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक निर्धारित मार्गों का ही प्रयोग करें।

प्रशासन ने दिए जांच के संकेत

प्रशासन का कहना है कि पुल के धंसने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता सामने आता है, तो संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून में करोड़ों रुपये की लागत से बने पुल का तेज बारिश के दौरान धंस जाना केवल एक निर्माण संबंधी समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। फिलहाल मरम्मत कार्य तेजी से जारी है, लेकिन इस घटना ने सरकारी निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए मजबूत तकनीकी मानकों, नियमित निरीक्षण और पारदर्शी निर्माण प्रक्रिया को प्राथमिकता देना आवश्यक होगा।

देहरादून ब्रिज हादसा: कनेक्टिंग सड़क भी धंसी, CM ने मांगी रिपोर्ट

उत्तराखंड के देहरादून में देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी (प्रेमनगर) स्थित टौंस नदी पर बने पुल को बारिश की वजह से जो नुकसान पहुंचा था उसका मरम्मत कार्य मंगलवार को ही शुरू हो गया। लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल को तेज बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया था जिसके बाद प्रशासन ने इसके मरम्मत का कार्य मंगलवार को ही शुरू कर दिया। बड़ी-बड़ी जेसीबी मशीनें इस मरम्मत कार्य में जुट गई हैं और स्थानीय प्रशासन का दावा है कि बहुत जल्द पुल को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

देर रात ब्रिज की कनेक्टिंग सड़क का हिस्सा भी धंस गया

बता दें कि टौंस नदी पर बनाए गए इस पुल को बारिश में भारी नुकसान हुआ। पुल के मरम्मत कार्य के दौरान ब्रिज से जुड़ने वाली कनेक्टिंग सड़क में देर रात भारी धंसाव हो गया, जिससे सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बन गया। हालात ये हो गए कि लोगों की भीड़ मौके पर नजारा देखने के लिए उमड़ आई। खास बात ये है कि यह रास्‍ता मुख्‍यमंत्री कार्यालय से भी जुड़ता है शायद इसलिए भी इस ब्रिज के मरम्मत का काम तत्काल शुरू हुआ और जल्द ही इसे पूरा भी कर लिया जाएगा।

मरम्मत कार्य में लगा ट्रक भी मिट्टी में धंसा

जानकारी के मुताबिक, यह रास्‍ता देहरादून के मुख्य बाजार घंटाघर और आईएसबीटी से कनेक्ट होता ।. सीएम ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए PWD सचिव से रिपोर्ट मांग ली है। इस रास्‍ते को बहाल करने में लगा ट्रक भी दोपहर के वक्‍त कनेक्टिंग सड़क में धंस गया। ट्रक का पिछला हिस्सा धंसने से वह हवा में झूल गया। रास्ते बने गहरे होल में मिट्टी भरने के लिए इस ट्रक का इस्तेमाल किया जा रहा था। ट्रक के धंसने के बाद राहत कार्य में लगी जेसीबी और वर्कर्स ट्रक को निकालने में जुट गए। क्रेन और दो जेसीबी मशीन की मदद से ट्रक को बाहर निकाला जा सका।

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