Australia vs Brazil: ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील के बीच टाउनस्विल में खेले गए रोमांचक अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। मैच में ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ी नेस्टोरी इरानकुंडा की शानदार फ्री-किक चर्चा का सबसे बड़ा विषय रही। इस गोल पर ब्राजील के गोलकीपर ह्यूगो सूजा की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठे, क्योंकि वह गेंद को रोकने के लिए लगभग कोई प्रयास करते हुए नजर नहीं आए। Writer by Mohit Kumar 29-9-2026 4:23 pm अब ह्यूगो सूजा ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने इरानकुंडा की फ्री-किक की तारीफ करते हुए कहा कि शॉट इतनी सटीकता से लगाया गया था कि जब तक उन्हें डाइव लगाने का मौका मिलता, गेंद उनके पास से निकल चुकी थी। 68वें मिनट में इरानकुंडा ने दागा शानदार गोल मुकाबले के 68वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया को फ्री-किक मिली। नेस्टोरी इरानकुंडा ने गेंद के पीछे खड़े होकर शानदार तकनीक का प्रदर्शन किया और गेंद को ऐसी दिशा और ऊंचाई से गोल की ओर भेजा कि ब्राजील के गोलकीपर ह्यूगो सूजा देखते रह गए। गेंद ने हवा में खूबसूरत कर्ल लेते हुए गोल का रास्ता पकड़ा और ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिला दी। सूजा इस दौरान अपनी जगह से ज्यादा हिल नहीं पाए। इसी वजह से सोशल मीडिया और फुटबॉल प्रशंसकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या ब्राजील के गोलकीपर को इस शॉट को रोकने के लिए डाइव लगानी चाहिए थी। हालांकि, मैच के अंतिम क्षणों में ब्राजील ने वापसी की। इंजरी टाइम में स्थानापन्न खिलाड़ी रयान ने हेडर के जरिए गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया और ब्राजील को हार से बचा लिया। ह्यूगो सूजा ने क्या कहा मैच के बाद ब्राजील के प्रसारक TV Globo से बातचीत में ह्यूगो सूजा ने इरानकुंडा के गोल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने माना कि वह उस समय पूरी तरह फ्लैट-फुटेड थे, लेकिन उनके अनुसार फ्री-किक का निष्पादन इतना बेहतरीन था कि प्रतिक्रिया देने में देर हो गई। सूजा ने कहा कि इरानकुंडा ने फ्री-किक को शानदार तरीके से मारा। उनके मुताबिक, जब तक उन्होंने डाइव लगाने के बारे में सोचा, तब तक गेंद उनके पास से निकल चुकी थी। गोलकीपर ने यह भी स्वीकार किया कि ब्राजील के गोल में इस तरह की घटना के बाद आलोचना होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कोई यह कहेगा कि उन्हें डाइव लगानी चाहिए थी, कोई इसे गोलकीपर की गलती मानेगा और कोई ऐसा नहीं मानेगा। उनके अनुसार, राष्ट्रीय टीम के गोलकीपर के तौर पर इस तरह की चर्चा और आलोचना का सामना करना भूमिका का हिस्सा है। ‘ब्राजील की जर्सी पहनने के साथ दबाव भी आता है’ ह्यूगो सूजा ने कहा कि ब्राजील जैसी पांच बार की विश्व चैंपियन टीम के गोलकीपर के तौर पर खेलने पर उम्मीदें और दबाव बहुत ज्यादा होते हैं। टीम के लिए जब चीजें अच्छी होती हैं तो खिलाड़ियों को काफी प्रशंसा मिलती है, लेकिन कोई गलती होने पर आलोचना भी उतनी ही तेजी से होती है। उन्होंने माना कि अभी तक ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के साथ जीत दर्ज नहीं कर पाने से उन्हें व्यक्तिगत रूप से निराशा है। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत में जापान के खिलाफ हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी मुकाबला ड्रॉ रहा। Flamengo और Corinthians में खेलने से मिला अनुभव ह्यूगो सूजा के लिए बड़े दबाव में खेलना कोई नई बात नहीं है। वह ब्राजील के दो बड़े क्लबों Flamengo और Corinthians का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। सूजा ने बताया कि इन क्लबों में खेलने के दौरान उन्हें मीडिया और प्रशंसकों की बेहद कड़ी निगाहों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, जब प्रदर्शन अच्छा होता है तो प्रशंसा बहुत ज्यादा होती है, जबकि खराब प्रदर्शन या गलती होने पर प्रतिक्रिया भी उतनी ही तीखी होती है। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें आलोचना से निपटना सीखने में मदद की है और अब राष्ट्रीय टीम के साथ भी वह समझते हैं कि परिस्थितियां अलग नहीं होंगी। आलोचना को लेकर बोले- ‘आपको इसकी आदत डालनी पड़ती है’ ब्राजील के गोलकीपर ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में आलोचना आने पर वह काफी तीखी हो सकती है। उन्होंने माना कि प्रशंसकों और मीडिया की अपेक्षाएं बहुत ऊंची हैं और खिलाड़ियों को लगातार प्रदर्शन के दबाव में रहना पड़ता है। सूजा के अनुसार, खिलाड़ी या उसके परिवार की आलोचना को लेकर व्यक्तिगत राय चाहे जो हो, ब्राजील की राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने के साथ भारी जिम्मेदारी और उम्मीदें जुड़ी रहती हैं। अब ब्राजील की नजर अगले मुकाबले पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ के बाद ब्राजील की टीम अपने अंतरराष्ट्रीय दौरे के अगले मुकाबले की ओर बढ़ रही है। टीम का सामना ब्रिस्बेन के Suncorp Stadium में ऑस्ट्रेलिया से दोबारा होगा। इसके बाद ब्राजील का दौरा भारत के खिलाफ मुकाबले के साथ आगे बढ़ेगा। कोच कार्लो एंसेलोटी इस दौरे पर टीम के अलग-अलग खिलाड़ियों को आजमाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में ह्यूगो सूजा के पास भी खुद को साबित करने का मौका है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इरानकुंडा की शानदार फ्री-किक के बाद गोलकीपर पर नजरें और भी ज्यादा रहेंगी। सूजा फिलहालके लिए चुनौती केवल गोल बचाने की नहीं, बल्कि लगातार बढ़ती उम्मीदों और आलोचनाओं के बीच खुद को साबित करने की भी है। इरानकुंडा का गोल इस मुकाबले की सबसे यादगार घटनाओं में से एक रहा, जबकि सूजा की सफाई ने इस बात को फिर चर्चा में ला दिया है कि शानदार फ्री-किक और गोलकीपर की गलती के बीच अंतर कैसे तय किया जाए। Post Views: 8 Post navigation नेपाल में पहाड़ का बड़ा हिस्सा नदी में समाया, काली गंडकी में मलबे का सैलाब; भारी बारिश से तबाही भगत सिंह: जिस उम्र में हम खुद को बच्चा समझते हैं, उस उम्र में उन्होंने फांसी का फंदा चूम लिया