काठमांडू: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इसी दौरान मुस्तांग जिले के लेटे इलाके के पास पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर काली गंडकी नदी में जा गिरा। कुछ ही सेकंड में पहाड़ का मलबा नदी में समा गया और नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए मलबे से बाधित हो गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इसकी भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। Writer by Mohit Kumar 29-9-2026 12:6 pm बताया जा रहा है कि लगातार कई दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जमीन खिसकने और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया था। काली गंडकी नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ था। पहाड़ का हिस्सा टूटने के बाद बड़ी मात्रा में चट्टान, मिट्टी और अन्य मलबा नदी में जा गिरा। वीडियो में लोगों को घटना देखकर घबराते और सुरक्षित स्थान की ओर जाते हुए सुना जा सकता है। कुछ समय के लिए रुक गया नदी का प्रवाह भूस्खलन से गिरा मलबा काली गंडकी नदी में जमा हो गया, जिससे नदी का रास्ता कुछ समय के लिए अवरुद्ध हुआ। बाद में पानी ने मलबे के बीच से अपना रास्ता बनाना शुरू कर दिया। इस घटना ने आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरे को और बढ़ा दिया है। भारी बारिश से कई जिलों में तबाही नेपाल के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। गांडकी प्रांत के मनांग, म्याग्दी, बागलुंग और पर्वत समेत कई जिले प्रभावित हुए हैं। सड़कों, पुलों, घरों और बिजली से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। 27 सितंबर की प्रारंभिक रिपोर्टों में अकेले गांडकी प्रांत में 14 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद 28 सितंबर की रिपोर्टों में पूरे नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 24 लोगों की मौत और 14 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई। पुल और बिजली परियोजनाएं भी प्रभावित काली गंडकी नदी के उफान के कारण कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। स्यांगजा और गुल्मी को जोड़ने वाला एक कंक्रीट पुल भी नदी के तेज बहाव में बह गया। इसके अलावा काली गंडकी ए जलविद्युत परियोजना के मिर्मी बांध के गेट खोले गए और बढ़ते जलस्तर के कारण बिजली उत्पादन रोकना पड़ा। ट्रांसमिशन लाइनों और अन्य जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान की रिपोर्ट है। राहत और बचाव अभियान जारी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण कुछ पहाड़ी इलाकों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों की स्थिति का आकलन करना है। नेपाल में जारी बारिश ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को सामने ला दिया है। काली गंडकी नदी में पहाड़ का हिस्सा गिरने की घटना इस बात का गंभीर उदाहरण है कि लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में खतरा कितनी तेजी से बढ़ सकता है। Post Views: 8 Post navigation भारत के एथेनॉल उद्योग के सामने नई चुनौती, 7 अरब लीटर क्षमता के लिए बाजार की तलाश ह्यूगो सूजा ने इरानकुंडा की शानदार फ्री-किक पर दी सफाई, बोले- ‘सोचता तब तक गेंद निकल चुकी थी’