भारत में रेलवे सिर्फ सफर का साधन नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई ऐसे रिकॉर्ड और रोचक तथ्य हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं। देश में एक ऐसा रेलवे प्लेटफॉर्म भी मौजूद है, जिसकी लंबाई इतनी ज्यादा है कि उसकी तुलना करीब 14 फुटबॉल मैदानों से की जाती है। खास बात यह है कि यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे लंबा रेलवे प्लेटफॉर्म होने का रिकॉर्ड रखता है। Writer by Mohit Kumar 23-9-2026 4:22 pm 1507 मीटर लंबा है यह रेलवे प्लेटफॉर्म कर्नाटक के हुबली में स्थित श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली जंक्शन का प्लेटफॉर्म करीब 1,507 मीटर लंबा है। इसकी विशाल लंबाई इसे दुनिया के दूसरे रेलवे प्लेटफॉर्म से अलग बनाती है। इस प्लेटफॉर्म को वर्ष 2023 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म के तौर पर दर्ज किया गया। इससे पहले उत्तर प्रदेश का गोरखपुर रेलवे स्टेशन इस रिकॉर्ड के लिए जाना जाता था। 14 फुटबॉल मैदानों से क्यों की जाती है तुलना? फुटबॉल मैदान की लंबाई आम तौर पर करीब 105 मीटर मानी जाती है। अगर 1,507 मीटर लंबे हुबली के प्लेटफॉर्म की तुलना इससे की जाए तो इसमें लगभग 14 फुटबॉल मैदान लंबाई के हिसाब से रखे जा सकते हैं। यानी एक छोर से दूसरे छोर तक चलकर जाने पर यात्रियों को प्लेटफॉर्म की विशालता का अंदाजा आसानी से हो सकता है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम इस प्लेटफॉर्म की उपलब्धि को Guinness World Records में भी दर्ज किया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, हुबली रेलवे स्टेशन पर बना यह प्लेटफॉर्म 1,507 मीटर लंबा है और इसका सत्यापन 12 जनवरी 2023 को किया गया था। इतने लंबे प्लेटफॉर्म का निर्माण हुबली रेलवे यार्ड के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण परियोजना का हिस्सा था। इसका उद्देश्य ट्रेन संचालन को अधिक प्रभावी बनाना, परिचालन सुरक्षा बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था। आखिर इतना लंबा प्लेटफॉर्म बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? हुबली दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है। यहां अलग-अलग दिशाओं से बड़ी संख्या में ट्रेनों का आवागमन होता है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार और बढ़ते ट्रेन संचालन को देखते हुए स्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी आधुनिक बनाने की जरूरत महसूस हुई। पुराने रेलवे यार्ड और सीमित प्लेटफॉर्म क्षमता के कारण कई बार ट्रेनों को आउटर पर इंतजार करना पड़ता था। इसका असर ट्रेनों के संचालन और यात्रियों के समय पर भी पड़ सकता था। इसी तरह की परिचालन संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए स्टेशन और यार्ड का पुनर्विकास किया गया। एक ही प्लेटफॉर्म पर लंबी ट्रेन को मिल सकती है जगह इतने लंबे प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लंबी ट्रेनों के संचालन और यात्रियों के आवागमन को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। बड़े रेलवे जंक्शन के रूप में हुबली में यह सुविधा ट्रेन संचालन की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी के नाम पर रखा गया स्टेशन हुबली के इस रेलवे स्टेशन का नाम प्रसिद्ध संत श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी के सम्मान में रखा गया है। स्टेशन का आधिकारिक नाम श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुबली जंक्शन है। रेलवे स्टेशन की आधुनिक सुविधाओं और विश्व रिकॉर्ड वाले प्लेटफॉर्म की वजह से यह स्थान रेलवे प्रेमियों और यात्रियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भारत के लिए गौरव की बात भारत का रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है और समय के साथ इसके इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार बदलाव हो रहे हैं। हुबली का 1,507 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म इसी आधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म, जिसकी लंबाई को 14 फुटबॉल मैदानों से समझाया जा सकता है और जिसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है—वाकई भारतीय रेलवे की विशालता और इंजीनियरिंग क्षमता की एक अनोखी झलक पेश करता है। Post Views: 2 Post navigation मोबाइल के टेम्पर्ड ग्लास पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए BIS नियम मोबाइल फोन की स्क्रीन को टूटने और